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Kaithal News: क्लेम मंजूर, बीमा कंपनी को चुकाने होंगे 32,500

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 19 Jun 2026 12:46 AM IST
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Claim approved; insurance company to pay
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कैथल। जिला उपभोक्ता फोरम ने चोरी हुई मोटरसाइकिल के बीमा दावे को गलत तरीके से खारिज करने पर बीमा कंपनी को फटकार लगाई है। आयोग ने शिकायतकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाया है। आयोग ने बीमा कंपनी को मोटरसाइकिल की बीमित घोषित कीमत 22,500 रुपये के अलावा 5,000 रुपये मुआवजा और 5,000 रुपये मुकदमा खर्च देने का आदेश दिया है।

साथ ही कहा है कि निर्धारित समय में भुगतान न करने पर पूरी राशि पर 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। शिकायतकर्ता अमनदीप गर्ग उसकी बाइक चोरी हो गई थी। पुलिस में प्राथमिकी दर्ज करवाई और बीमा कंपनी को भी सूचना दी। जांच पूरी होने पर पुलिस ने अदालत में अनट्रेस रिपोर्ट पेश कर दी। बीमा कंपनी ने दावा यह कहते हुए खारिज कर दिया कि शिकायतकर्ता ने समय पर सूचना नहीं दी और मांगे गए दस्तावेज जमा नहीं कराए। कंपनी ने यह भी दलील दी कि वाहन की दोनों मूल चाबियां उपलब्ध नहीं करवाई गईं, इसलिए दावा स्वीकार नहीं किया जा सकता।
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सुनवाई के दौरान आयोग ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि एफआईआर दर्ज कराने या बीमा कंपनी को सूचना देने में हुई देरी किसी वास्तविक और वैध बीमा दावे को अस्वीकार करने का आधार नहीं हो सकती। आयोग ने मोहम्मद एजाज बनाम यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी (2014) के निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (आईआरडीए) भी बीमा कंपनियों को वास्तविक दावे केवल तकनीकी आधारों पर खारिज न करने के निर्देश दे चुका है। आयोग ने रिकॉर्ड के आधार पर पाया कि शिकायतकर्ता ने अनट्रेस रिपोर्ट की प्रमाणित प्रति प्राप्त करने के लिए 8 फरवरी 2023 को आवेदन किया था, जबकि अदालत से यह प्रति 14 फरवरी 2023 को प्राप्त हुई। ऐसे में दस्तावेज जमा करने में हुई देरी के लिए उसे जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
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मूल चाबियों के मामले में शिकायतकर्ता ने एक मूल चाबी आयोग के समक्ष प्रस्तुत की और दूसरी चाबी खो जाने की जानकारी दी। आयोग ने माना कि यह तथ्य भी बीमा दावा खारिज करने का पर्याप्त आधार नहीं बनता। आयोग की अध्यक्ष नीलम कश्यप और सदस्य सुनील मोहन त्रिखा और हरिषा मेहता ने अपने आदेश में कहा कि बीमा कंपनी ने वास्तविक दावा अनुचित रूप से अस्वीकार किया, जो सेवा में गंभीर कमी की श्रेणी में आता है।
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