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लड़कियों के लिए एचपीवी वैक्सीन जरूरी : डॉ. रेनू
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 30 Apr 2026 12:59 AM IST
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स्कूल में आयोजित जांच शिविर में छात्राओं और अभिभावकों को जागरूक करतीं सिविल सर्जन डॉ़ रेणू चा
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। खुराना रोड स्थित ओएसडीएवी पब्लिक स्कूल में सर्वाइकल कैंसर, मासिक धर्म स्वच्छता, एचपीवी टीकाकरण और एनीमिया पर जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। बतौर मुख्य अतिथि सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला ने कहा कि लड़कियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी वैक्सीन लगवाना जरूरी है।
डॉ. रेनू ने बताया कि महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर सबसे अधिक पाया जाता है लेकिन एचपीवी वैक्सीनेशन के बाद इसकी संभावना 2 प्रतिशत से भी कम रह जाती है।
उन्होंने बताया कि जिले में 28 फरवरी से एचपीवी टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। यह कोई नई वैक्सीन नहीं है, बल्कि निजी अस्पतालों और गैर-सरकारी संगठनों द्वारा पहले से ही इसका उपयोग किया जा रहा है। भारत सरकार द्वारा व्यापक शोध के बाद इसे टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया गया है और यह पूरी तरह सुरक्षित है।
शिविर के दौरान डॉ. चावला ने मासिक धर्म स्वच्छता और एनीमिया के विषय में भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किशोरियों को मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए। साथ ही खून की कमी की समय पर जांच करवा कर पौष्टिक आहार लेना बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ की शपथ दिलाई और बेटियों के स्वास्थ्य व शिक्षा के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
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डॉ. रेनू ने बताया कि महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर सबसे अधिक पाया जाता है लेकिन एचपीवी वैक्सीनेशन के बाद इसकी संभावना 2 प्रतिशत से भी कम रह जाती है।
उन्होंने बताया कि जिले में 28 फरवरी से एचपीवी टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। यह कोई नई वैक्सीन नहीं है, बल्कि निजी अस्पतालों और गैर-सरकारी संगठनों द्वारा पहले से ही इसका उपयोग किया जा रहा है। भारत सरकार द्वारा व्यापक शोध के बाद इसे टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया गया है और यह पूरी तरह सुरक्षित है।
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शिविर के दौरान डॉ. चावला ने मासिक धर्म स्वच्छता और एनीमिया के विषय में भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किशोरियों को मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए। साथ ही खून की कमी की समय पर जांच करवा कर पौष्टिक आहार लेना बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ की शपथ दिलाई और बेटियों के स्वास्थ्य व शिक्षा के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
