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Kaithal News: स्टंबल लैब से निखरेगा बच्चों का आत्मविश्वास, प्रदेश में लागू करने की तैयारी

संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Thu, 30 Apr 2026 01:00 AM IST
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Stumble Lab will boost children's confidence, preparing to implement it in the state
स्टंबल लैब योजना के बारे में जानकारी देते विशेषज्ञ। डीपीआरओ
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संवाद न्यूज एजेंसी
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पूंडरी। हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने बुधवार को पूंडरी स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में डीसी कैथल के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘स्टंबल लैब’ का उद्घाटन किया। इस अभिनव पहल से बच्चों में विकसित हो रहे आत्मविश्वास और सकारात्मक बदलाव को देखकर मंत्री खासे प्रभावित नजर आए।

उन्होंने मौके पर ही संकेत दिया कि इस प्रोजेक्ट को पूरे प्रदेश में लागू करने के लिए योजना तैयार की जाएगी, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके। शिक्षा मंत्री ने कहा कि स्टंबल लैब के माध्यम से छोटे-छोटे बच्चों में जिस तरह आत्मविश्वास का विकास हुआ है, वह सराहनीय है।
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उन्होंने कहा कि अब बच्चे खुलकर संवाद कर रहे हैं और उत्साह के साथ अपनी बात रख रहे हैं। उन्होंने इस पहल के लिए कैथल की डीसी अपराजिता के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों में इस तरह के प्रयोग शिक्षा के स्तर को नई दिशा देंगे।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी दिव्यता ने प्रोजेक्टर के माध्यम से स्टंबल लैब की अब तक की गतिविधियों, उनके सकारात्मक परिणामों, भविष्य की योजनाओं और उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी दी। इसके बाद शिक्षा मंत्री ने स्वयं चार कक्षाओं का निरीक्षण किया और बच्चों के साथ संवाद करते हुए उनकी गतिविधियों में भाग लिया। इस अवसर पर एसडीएम संजय कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष और सुशील कुमार दि अधिकारी भी मौजूद रहे।

बच्चों में रचनात्मक सोच बेहद उत्साहजनक : ढांडा

मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि इतनी कम उम्र में बच्चों में रचनात्मक सोच और नए विचार विकसित होना बेहद उत्साहजनक है। उन्होंने इसे एक उत्कृष्ट और प्रेरणादायक प्रोजेक्ट बताया। वहीं, डीसी अपराजिता ने कहा कि हर बच्चा अपने आप में विशिष्ट होता है और उसमें कुछ नया करने की क्षमता होती है। आवश्यकता केवल उस प्रतिभा को पहचानने और उसे सही दिशा देने की है।

उन्होंने कहा कि स्टंबल लैब के माध्यम से बच्चों को खेल-खेल में सीखने का अवसर दिया जा रहा है, जिससे वे कक्षा की प्रत्येक गतिविधि में सक्रिय भागीदारी करें। साथ ही, उन्हें यह भी सिखाया जा रहा है कि असफलता अंत नहीं, बल्कि सफलता की ओर बढ़ने का एक महत्वपूर्ण चरण है।
डीसी की परिल्पना : असफलता से सीखने की पहल

स्टंबल लैब की परिकल्पना डीसी अपराजिता की है, जिसका उद्देश्य बच्चों को असफलता से घबराने के बजाय उससे सीखने के लिए प्रेरित करना है। करीब तीन माह पहले शुरू किए गए इस प्रोजेक्ट के तहत बच्चों को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की सीख दी जा रही है।

स्टंबल लैब एक शिक्षण प्रयोग है, जिसमें बच्चों को असफलता को सीख में बदलना सिखाया जाता है। ‘स्टंबल’ का अर्थ ठोकर खाना या असफल होना है, जबकि ‘लैब’ का मतलब प्रयोगशाला है। इस तरह यह एक ऐसी प्रयोगशाला है, जहां बच्चे ठोकर खाकर सीखते हैं। इस पहल के तहत विद्यार्थियों को बताया जा रहा है कि किसी कार्य में असफल होने पर निराश होने की बजाय नए उत्साह और आत्मविश्वास के साथ दोबारा प्रयास करें। यह प्रयोग बच्चों में आत्मविश्वास, धैर्य और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में सहायक साबित हो रहा है।
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