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Kaithal News: जापान में गूंजा नियमित योग का संदेश
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 22 Jun 2026 03:19 AM IST
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जापान में हिस्सा लेने पहुंचे हुए विधायक सतपाल जांबा व अशोक गुर्जर।
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पूंडरी। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 पर जापान की राजधानी टोक्यो में भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय के साथ-साथ जापानी नागरिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में कैथल के पूंडरी विधायक सतपाल जांबा व भाजपा नेता अशोक गुर्जर शामिल हुए।
इस अवसर पर पूज्य स्वामी ज्ञानानंद महाराज के दिव्य मार्गदर्शन एवं योगमाता जी की प्रेरणादायी उपस्थिति ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता से ओत-प्रोत कर दिया। ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा के संतुलन का विज्ञान है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की यह अमूल्य धरोहर आज सम्पूर्ण विश्व को स्वास्थ्य, शांति और मानव कल्याण का संदेश दे रही है। योगमाता ने अपने उद्बोधन में योग को मानवता के कल्याण का सशक्त माध्यम बताया और सभी से नियमित योगाभ्यास अपनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति को स्वयं से जोड़ता है और स्वयं के माध्यम से सम्पूर्ण विश्व से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त करता है। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान सत्रों में भाग लेकर योग के प्रति अपनी आस्था और समर्पण का परिचय दिया। अनुशासन, उत्साह और आध्यात्मिक चेतना से परिपूर्ण इस आयोजन ने भारत और जापान के सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संबंधों को नई मजबूती प्रदान की। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जापान में आयोजित यह भव्य कार्यक्रम इस बात का जीवंत उदाहरण बना है। संवाद
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इस अवसर पर पूज्य स्वामी ज्ञानानंद महाराज के दिव्य मार्गदर्शन एवं योगमाता जी की प्रेरणादायी उपस्थिति ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता से ओत-प्रोत कर दिया। ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा के संतुलन का विज्ञान है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की यह अमूल्य धरोहर आज सम्पूर्ण विश्व को स्वास्थ्य, शांति और मानव कल्याण का संदेश दे रही है। योगमाता ने अपने उद्बोधन में योग को मानवता के कल्याण का सशक्त माध्यम बताया और सभी से नियमित योगाभ्यास अपनाने का आह्वान किया।
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उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति को स्वयं से जोड़ता है और स्वयं के माध्यम से सम्पूर्ण विश्व से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त करता है। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान सत्रों में भाग लेकर योग के प्रति अपनी आस्था और समर्पण का परिचय दिया। अनुशासन, उत्साह और आध्यात्मिक चेतना से परिपूर्ण इस आयोजन ने भारत और जापान के सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संबंधों को नई मजबूती प्रदान की। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जापान में आयोजित यह भव्य कार्यक्रम इस बात का जीवंत उदाहरण बना है। संवाद