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Kaithal News: ढाई साल से यातायात सिग्नल बंद, चौराहों पर जाम हुआ आम
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 02 Feb 2026 02:02 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। नगर परिषद की ओर से शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर करीब 70 लाख रुपये की लागत से लगाई गईं यातायात सिग्नल लाइटें ढाई साल से बंद पड़ी हैं। प्रशासनिक स्तर पर इन्हें चालू कराने के कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। सिग्नल बंद होने के कारण शहर में यातायात बिना नियंत्रण के दौड़ रहा है और प्रमुख सड़कों पर बार-बार जाम की स्थिति बन रही है।
यातायात सिग्नल लाइटों को चालू करवाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। सिग्नल बंद होने के कारण शहर की यातायात व्यवस्था बिना नियंत्रण के चल रही है, जिससे प्रमुख सड़कों पर बार-बार जाम की स्थिति बन रही है। आम लोगों को रोजमर्रा के आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि नगरपरिषद ने 70 लाख रुपये से पिहोवा चौक, करनाल रोड, ढांड रोड, जींद रोड बाईपास और अंबाला रोड पर यातायात सिग्नल लाइटें लगाई थीं। फिलहाल देखरेख के अभाव में अब ये सभी लाइटें खराब होकर बंद पड़ी हैं। शहरवासियों का कहना है कि लाइटें चालू करवाने को लेकर कई बार प्रशासन को पत्र भी सौंपे गए, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हो पाया है।
ये सभी पांचों चौक शहर के सबसे व्यस्त चौराहों में शामिल हैं, जहां से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। हैरानी की बात यह है कि प्रशासनिक अधिकारी भी प्रतिदिन इन्हीं मार्गों से होकर गुजरते हैं, इसके बावजूद समस्या पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
सिग्नल बिन हादसों का खतरा ः शहर के चौक-चौराहों पर सिग्नल व्यवस्था न होने के कारण वाहन चालकों में पहले निकलने की होड़ लगी रहती है। जल्दबाजी और अव्यवस्थित यातायात के चलते कई बार वाहन आपस में टकरा जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या सबके सामने होने के बावजूद संबंधित अधिकारी अनजान बने हुए हैं। यातायात नियंत्रित करने के लिए पुलिस भी नियमित रूप से तैनात नहीं दिखती।
करनाल रोड पर लगी सिग्नल लाइटें लंबे समय से बंद हैं। रोडवेज बसें और अन्य वाहन लंबे समय तक जाम में फंसे रहते हैं। प्रशासन को तुरंत सिग्नल चालू करनी चाहिए। -राजू (समाजसेवी)
पिहोवा चौक से नगरपरिषद कार्यालय और मुख्य बाजार जाता है। ढाई साल से लाइट बंद होने के कारण जाम हमेशा रहता है। ऑटो और निजी वाहन घंटों फंसे रहते हैं। -बीरभान (शहरवासी)
बंद पड़ी यातायात सिग्नल लाइटों को चालू करवाने के लिए नगर परिषद को पत्र लिख दिया गया है। जल्द ही लाइटें शुरू करवा दी जाएंगी, ताकि वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी न हो। -सतपाल, जिला यातायात प्रभारी
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कैथल। नगर परिषद की ओर से शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर करीब 70 लाख रुपये की लागत से लगाई गईं यातायात सिग्नल लाइटें ढाई साल से बंद पड़ी हैं। प्रशासनिक स्तर पर इन्हें चालू कराने के कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। सिग्नल बंद होने के कारण शहर में यातायात बिना नियंत्रण के दौड़ रहा है और प्रमुख सड़कों पर बार-बार जाम की स्थिति बन रही है।
यातायात सिग्नल लाइटों को चालू करवाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। सिग्नल बंद होने के कारण शहर की यातायात व्यवस्था बिना नियंत्रण के चल रही है, जिससे प्रमुख सड़कों पर बार-बार जाम की स्थिति बन रही है। आम लोगों को रोजमर्रा के आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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गौरतलब है कि नगरपरिषद ने 70 लाख रुपये से पिहोवा चौक, करनाल रोड, ढांड रोड, जींद रोड बाईपास और अंबाला रोड पर यातायात सिग्नल लाइटें लगाई थीं। फिलहाल देखरेख के अभाव में अब ये सभी लाइटें खराब होकर बंद पड़ी हैं। शहरवासियों का कहना है कि लाइटें चालू करवाने को लेकर कई बार प्रशासन को पत्र भी सौंपे गए, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हो पाया है।
ये सभी पांचों चौक शहर के सबसे व्यस्त चौराहों में शामिल हैं, जहां से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। हैरानी की बात यह है कि प्रशासनिक अधिकारी भी प्रतिदिन इन्हीं मार्गों से होकर गुजरते हैं, इसके बावजूद समस्या पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
सिग्नल बिन हादसों का खतरा ः शहर के चौक-चौराहों पर सिग्नल व्यवस्था न होने के कारण वाहन चालकों में पहले निकलने की होड़ लगी रहती है। जल्दबाजी और अव्यवस्थित यातायात के चलते कई बार वाहन आपस में टकरा जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या सबके सामने होने के बावजूद संबंधित अधिकारी अनजान बने हुए हैं। यातायात नियंत्रित करने के लिए पुलिस भी नियमित रूप से तैनात नहीं दिखती।
करनाल रोड पर लगी सिग्नल लाइटें लंबे समय से बंद हैं। रोडवेज बसें और अन्य वाहन लंबे समय तक जाम में फंसे रहते हैं। प्रशासन को तुरंत सिग्नल चालू करनी चाहिए। -राजू (समाजसेवी)
पिहोवा चौक से नगरपरिषद कार्यालय और मुख्य बाजार जाता है। ढाई साल से लाइट बंद होने के कारण जाम हमेशा रहता है। ऑटो और निजी वाहन घंटों फंसे रहते हैं। -बीरभान (शहरवासी)
बंद पड़ी यातायात सिग्नल लाइटों को चालू करवाने के लिए नगर परिषद को पत्र लिख दिया गया है। जल्द ही लाइटें शुरू करवा दी जाएंगी, ताकि वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी न हो। -सतपाल, जिला यातायात प्रभारी
