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योग अनुशासित जीवन का आधार : छाबड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 22 Jun 2026 03:22 AM IST
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मुख्यातिथि प्रदेशाध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा योग साधकों के साथ योग करते हुए।
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कैथल। हुडा सेक्टर-20 कैथल में पतंजलि योगपीठ के तत्वावधान तथा श्री खाटू श्याम सालासर सेवा समिति की ओर से योग दिवस मनाया गया। इस अवसर पर हरियाणा प्रदेश राइस मिलर्स एंड डीलर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने योग के महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि मानसिक शांति, आत्मिक उन्नति एवं अनुशासित जीवन का आधार है। भारत की प्राचीन योग परंपरा आज पूरे विश्व को स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखा रही है और प्रत्येक व्यक्ति को योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने लोगों को स्वदेशी अपनाने का संदेश दिया।
उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और स्थानीय उद्योगों एवं किसानों का समर्थन करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान अमरजीत छाबड़ा ने कहा कि स्वस्थ शरीर, स्वच्छ विचार और स्वदेशी जीवनशैली ही एक सशक्त राष्ट्र की नींव है।
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योग शिविर का समापन सनातन संस्कृति की परंपरा के अनुसार वैदिक मंत्रोच्चार एवं हवन-यज्ञ के साथ किया गया। अमरजीत छाबड़ा ने हवन में मुख्य यजमान के रूप में आहुति देकर समाज, राष्ट्र एवं विश्व कल्याण की कामना की। उन्होंने सभी नागरिकों से करो योग, रहो निरोग के मंत्र को अपनाने और स्वस्थ, स्वदेशी, संस्कारित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि मानसिक शांति, आत्मिक उन्नति एवं अनुशासित जीवन का आधार है। भारत की प्राचीन योग परंपरा आज पूरे विश्व को स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखा रही है और प्रत्येक व्यक्ति को योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने लोगों को स्वदेशी अपनाने का संदेश दिया।
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उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और स्थानीय उद्योगों एवं किसानों का समर्थन करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान अमरजीत छाबड़ा ने कहा कि स्वस्थ शरीर, स्वच्छ विचार और स्वदेशी जीवनशैली ही एक सशक्त राष्ट्र की नींव है।
योग शिविर का समापन सनातन संस्कृति की परंपरा के अनुसार वैदिक मंत्रोच्चार एवं हवन-यज्ञ के साथ किया गया। अमरजीत छाबड़ा ने हवन में मुख्य यजमान के रूप में आहुति देकर समाज, राष्ट्र एवं विश्व कल्याण की कामना की। उन्होंने सभी नागरिकों से करो योग, रहो निरोग के मंत्र को अपनाने और स्वस्थ, स्वदेशी, संस्कारित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।