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Karnal News: बंद हो रही नाक, जकड़ रहा गला
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Mon, 02 Feb 2026 02:51 AM IST
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जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों की भीड़
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। दिन की शुरुआत गले की जलन से और रात आवाज बैठने के साथ...। सर्दी ने मौसम ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। सुबह शाम शीतलहर, कभी तेज धूप और फिर अचानक गिरता तापमान लोगों के गले पर वार कर रहा है। हालात ये हैं कि जिला नागरिक अस्पताल की ईएनटी ओपीडी में रोजाना 50 से 60 प्रतिशत मरीज गले की खराश, टॉन्सिल की सूजन और नाक बंद होने की परेशानी के साथ आ रहे हैं। ईएनटी ओपीडी रोजाना 150 से 200 तक पहुंच रही है।
इनमें से करीब 25 प्रतिशत मरीज महज 14 से 25 वर्ष की उम्र के हैं। नागरिक अस्पताल के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. जयवर्धन के अनुसार, सर्दी के दौरान नाक बंद होना मामूली समस्या नहीं रह गई है। नाक बंद होने पर जब व्यक्ति गले से सांस लेता है तो ठंडी और सूखी हवा सीधे गले पर पड़ रही है, जिससे गले की नमी खत्म हो रही है और संक्रमण बढ़ रहा है। इन दिनों ओपीडी में टॉन्सिलाइटिस, गले की सूजन और लगातार खराश के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं।
ये हैं कारण
ओपीडी में आने वाले मरीजों ने बताया कि सुबह की ठंडी हवा, बस व दोपहिया वाहन में सफर के दौरान सर्द हवा और धूल और प्रदूषण के सीधे संपर्क में आने से समस्या हो रही है। मौसम में बदलाव के बीच शरीर तालमेल नहीं बिठा पा रहा, जिसका असर सबसे पहले गले और सांस की नली पर दिख रहा है।
डॉक्टर की सलाह
डॉ. जयवर्धन के अनुसार बदलते मौसम में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। ठंडे पेय पदार्थों से दूरी, गुनगुना पानी पीना, गले को ढककर रखना, भाप लेना और शुरुआती लक्षण दिखते ही इलाज कराना बेहद जरूरी है।
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करनाल। दिन की शुरुआत गले की जलन से और रात आवाज बैठने के साथ...। सर्दी ने मौसम ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। सुबह शाम शीतलहर, कभी तेज धूप और फिर अचानक गिरता तापमान लोगों के गले पर वार कर रहा है। हालात ये हैं कि जिला नागरिक अस्पताल की ईएनटी ओपीडी में रोजाना 50 से 60 प्रतिशत मरीज गले की खराश, टॉन्सिल की सूजन और नाक बंद होने की परेशानी के साथ आ रहे हैं। ईएनटी ओपीडी रोजाना 150 से 200 तक पहुंच रही है।
इनमें से करीब 25 प्रतिशत मरीज महज 14 से 25 वर्ष की उम्र के हैं। नागरिक अस्पताल के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. जयवर्धन के अनुसार, सर्दी के दौरान नाक बंद होना मामूली समस्या नहीं रह गई है। नाक बंद होने पर जब व्यक्ति गले से सांस लेता है तो ठंडी और सूखी हवा सीधे गले पर पड़ रही है, जिससे गले की नमी खत्म हो रही है और संक्रमण बढ़ रहा है। इन दिनों ओपीडी में टॉन्सिलाइटिस, गले की सूजन और लगातार खराश के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं।
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ये हैं कारण
ओपीडी में आने वाले मरीजों ने बताया कि सुबह की ठंडी हवा, बस व दोपहिया वाहन में सफर के दौरान सर्द हवा और धूल और प्रदूषण के सीधे संपर्क में आने से समस्या हो रही है। मौसम में बदलाव के बीच शरीर तालमेल नहीं बिठा पा रहा, जिसका असर सबसे पहले गले और सांस की नली पर दिख रहा है।
डॉक्टर की सलाह
डॉ. जयवर्धन के अनुसार बदलते मौसम में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। ठंडे पेय पदार्थों से दूरी, गुनगुना पानी पीना, गले को ढककर रखना, भाप लेना और शुरुआती लक्षण दिखते ही इलाज कराना बेहद जरूरी है।
