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Karnal News: नगर निगम में भ्रष्टाचार... वसूली दफ्तर से बाहर 25 दिन में दूसरा कर्मचारी रिश्वत लेते गिरफ्तार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 24 Oct 2026 01:02 AM IST
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Corruption in the Municipal Corporation... Second employee in 25 days arrested for taking a bribe outside the collection office
.रिश्वत लेते पकड़े गए आरोपी को लेकर जाती विजिलेंस की टीम संवाद
29 सितंबर को क्लर्क गौरव नए बस अड्डे पर पांच हजार लेते पकड़ा गया था, अब सहायक ने तहसील में लिए 20 हजार
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2022 में एसई और पीए की गिरफ्तारी के बाद से कार्यालय में निगरानी का अंदेशा, कर्मचारी बाहर तय कर रहे लेनदेन



एक ही निगम में दो मामलों ने उठाए सवाल, प्रॉपर्टी आईडी सुधार और रजिस्ट्री शाखा का कार्य संदेह के घेरे में



गगन तलवार



करनाल। नगर निगम में भ्रष्टाचार अब खुलकर सामने आने लगा है। काम कराने के बदले रिश्वत लेने के आरोप में 25 दिन के भीतर निगम के दूसरे कर्मचारी की गिरफ्तारी ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खास बात यह है कि दोनों मामलों में कथित लेनदेन निगम कार्यालय के बजाय बाहर हुआ।



29 सितंबर को टैक्स शाखा का क्लर्क गौरव नए बस अड्डा परिसर में पांच हजार रुपये लेते पकड़ा गया था, जबकि शुक्रवार को सेक्रेटरी शाखा का सहायक राम सिंह लघु सचिवालय में तहसील कार्यालय के बाहर 20 हजार रुपये लेते गिरफ्तार हुआ। दोनों मामलों में एसीबी ने शिकायत के आधार पर जाल बिछाकर कार्रवाई की। दोनों मामलों में काम अलग-अलग थे लेकिन आरोपों का तरीका मिलता-जुलता रहा।
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पहले मामले में प्रॉपर्टी आईडी में श्रेणी संबंधी सुधार के बदले पांच हजार रुपये मांगने का आरोप लगा। शिकायतकर्ता कुलदीप कई दिनों से काम के लिए चक्कर लगा रहा था। एसीबी ने क्लर्क गौरव को नए बस अड्डा परिसर में रुपये लेते पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद टीम उसे नगर निगम कार्यालय भी लेकर पहुंची और उसकी सीट तथा रिकॉर्ड की जांच की थी।
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अब दूसरे मामले में दुकान के मालिकाना हक के हस्तांतरण और रजिस्ट्री की प्रक्रिया में रिश्वत मांगने का आरोप सामने आया है। शिकायतकर्ता विक्रम के पिता की दुकान का मालिकाना हक भाइयों के नाम हस्तांतरित किया जाना था। यह कार्य भी कई दिनों से अटकाया था और चक्कर कटवाए जा रहे थे। एसीबी की दूसरी कार्रवाई के बाद नगर निगम कार्यालय में कुछ समय के लिए सन्नाटा पसरा रहा। दोपहर बाद हुई कार्रवाई से कई कर्मचारी और अधिकारी कार्यालय में दिखाई नहीं दिए। संवाद



2022 की कार्रवाई के बाद से निगरानी का अंदेशा



नगर निगम में वर्ष 2022 में एसई और उनके पीए की गिरफ्तारी के बाद से विजिलेंस और सीआईडी की गतिविधियों को लेकर कर्मचारी सतर्क बताए जाते हैं। इसी पृष्ठभूमि में रिश्वत लेने के लिए कार्यालय से बाहर जगह तय किए जाने के मामले सामने आए हैं। हालांकि, दोनों कर्मचारियों ने जगह बदलने का फैसला इसी कारण लिया था या नहीं, यह पूछताछ में खुलासा होगा।



एक ही जिम्मेदारी से हो गया भेद... डराकर व खुलकर मांगे रुपये



राम सिंह नगर निगम की सेक्रेटरी शाखा में करीब दस साल से कार्यरत था और दिसंबर में उसकी सेवानिवृत्ति होनी थी। उसकी सीट से इंप्रूवमेंट ट्रस्ट और नगर निगम की दुकानों के नक्शे पास कराने, रजिस्ट्री तथा टैक्स संबंधी काम जुड़े थे।



क्लर्क गौरव भी चार साल से निगम में तैनात था। कर शाखा में उसकी लेवल-1 के कार्यों में मेकर के तौर पर ड्यूटी थी। इसमें प्रॉपर्टी आईडी में नाम चेंज, क्षेत्र, पता और फ्लोर, श्रेणी व मोबाइल नंबर अपडेट करने के अलावा नई आईडी बनाने संबंधित कार्य था।




वर्जन



गलत कार्य करने वाले पर कार्रवाई होगी। सरकार ने जिस सेवा कार्य के लिए नियुक्त किया है, उसका वेतन प्रत्येक कर्मचारी को मिलता है और काम को ईमानदारी से करना चाहिए। गलत तरीके से कार्य करने वाला कोई भी कर्मचारी बख्शा नहीं जाएगा। -रेणू बाला गुप्ता, मेयर
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