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Karnal News: अरावली क्रॉप साइंस की पेस्टीसाइड फैक्टरी बंद करने की मांग
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अरावली क्रॉप साइंस की पेस्टीसाइड फैक्टरी बंद करने की मांग
- फोटो : अरावली क्रॉप साइंस की पेस्टीसाइड फैक्टरी बंद करने की मांग
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जोहड़माजरा में किया प्रदर्शनए फैक्टरी मालिक बोला- आरोप निराधार, लगा है ईटीपी प्लांट
संवाद न्यूज एजेंसी
इंद्री। जोहड़माजरा गांव स्थित अरावली क्रॉप साइंस लिमिटेड से निकलने वाले केमिकल युक्त पानी के विरोध में सोमवार को ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन और फैक्टरी संचालक ऋषिपाल के खिलाफ नारेबाजी कर फैक्टरी को तत्काल बंद करने की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्टरी से निकलने वाले दूषित जल के कारण गांव में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां बढ़ रही हैं। बड़ी संख्या में लोग पेट संबंधी रोगों से ग्रसित हो चुके हैं। ग्रामीणों ने कहा कि अगर फैक्टरी बंद नहीं हुई तो आने वाली पीढ़ी और कृषि दोनों प्रभावित होंगी।
ग्रामीण हरजिंद्र सिंह ने कहा कि अरावली क्रॉप साइंस लिमिटेड कृषि क्षेत्र में स्थापित है और कुछ मीटर की दूरी पर आबादी भी है। नियमों के अनुसार पेस्टीसाइड निर्माण इकाई को कृषि क्षेत्र व आवासीय क्षेत्र में स्थापित नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने नियमों की अनदेखी कर फैक्ट्री को अनुमति दी है।
ग्रामीण मंदीप सिंह ने आरोप लगाया कि फैक्टरी संचालक बोरवेल के माध्यम से दूषित पानी भूमि में छोड़ रहे हैं, जिससे भूजल प्रदूषित हो गया है। फैक्ट्री के समीप खेतों के किसान अब ट्यूबवेल का पानी पीने के बजाय घर से पानी लेकर जाते हैं। दूषित जल पीने से अधिकांश लोगों को पेट में संक्रमण हो गया है।
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ग्रामीण सुखविंद्र सिंह ने कहा कि केमिकल युक्त पानी से फैक्टरी के आसपास की भूमि बंजर हो चुकी है। कुछ किसानों ने खेती का प्रयास किया, लेकिन फसल नहीं हुई। मजबूरी में किसानों को अपनी जमीन फैक्ट्री संचालक को बेचनी पड़ी। उन्होंने मांग की कि आसपास की भूमि को बंजर होने से बचाने के लिए फैक्टरी को शीघ्र बंद किया जाए।
सभी आरोप निराधार : संचालक ऋषिपाल कांबोज
इस संबंध में अरावली क्रॉप साइंस लिमिटेड के संचालक ऋषिपाल कांबोज ने कहा कि फैक्ट्री में सभी कार्य सरकारी नियमों के अनुसार किए जाते हैं। फैक्टरी में ईटीपी प्लांट स्थापित है और उससे निकलने वाला जल पीने योग्य है। उनके ऊपर लगे सभी आरोप निराधार हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
इंद्री। जोहड़माजरा गांव स्थित अरावली क्रॉप साइंस लिमिटेड से निकलने वाले केमिकल युक्त पानी के विरोध में सोमवार को ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन और फैक्टरी संचालक ऋषिपाल के खिलाफ नारेबाजी कर फैक्टरी को तत्काल बंद करने की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्टरी से निकलने वाले दूषित जल के कारण गांव में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां बढ़ रही हैं। बड़ी संख्या में लोग पेट संबंधी रोगों से ग्रसित हो चुके हैं। ग्रामीणों ने कहा कि अगर फैक्टरी बंद नहीं हुई तो आने वाली पीढ़ी और कृषि दोनों प्रभावित होंगी।
ग्रामीण हरजिंद्र सिंह ने कहा कि अरावली क्रॉप साइंस लिमिटेड कृषि क्षेत्र में स्थापित है और कुछ मीटर की दूरी पर आबादी भी है। नियमों के अनुसार पेस्टीसाइड निर्माण इकाई को कृषि क्षेत्र व आवासीय क्षेत्र में स्थापित नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने नियमों की अनदेखी कर फैक्ट्री को अनुमति दी है।
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ग्रामीण मंदीप सिंह ने आरोप लगाया कि फैक्टरी संचालक बोरवेल के माध्यम से दूषित पानी भूमि में छोड़ रहे हैं, जिससे भूजल प्रदूषित हो गया है। फैक्ट्री के समीप खेतों के किसान अब ट्यूबवेल का पानी पीने के बजाय घर से पानी लेकर जाते हैं। दूषित जल पीने से अधिकांश लोगों को पेट में संक्रमण हो गया है।
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ग्रामीण सुखविंद्र सिंह ने कहा कि केमिकल युक्त पानी से फैक्टरी के आसपास की भूमि बंजर हो चुकी है। कुछ किसानों ने खेती का प्रयास किया, लेकिन फसल नहीं हुई। मजबूरी में किसानों को अपनी जमीन फैक्ट्री संचालक को बेचनी पड़ी। उन्होंने मांग की कि आसपास की भूमि को बंजर होने से बचाने के लिए फैक्टरी को शीघ्र बंद किया जाए।
सभी आरोप निराधार : संचालक ऋषिपाल कांबोज
इस संबंध में अरावली क्रॉप साइंस लिमिटेड के संचालक ऋषिपाल कांबोज ने कहा कि फैक्ट्री में सभी कार्य सरकारी नियमों के अनुसार किए जाते हैं। फैक्टरी में ईटीपी प्लांट स्थापित है और उससे निकलने वाला जल पीने योग्य है। उनके ऊपर लगे सभी आरोप निराधार हैं।