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हड़ताल : 3 दिन में सड़कों पर जमा हुआ 60 टन कचरा
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का असर सड़कों पर दिखाई दे रहा है। शहरभर में शनिवार को करीब 60 टन कूड़ा एकत्रित हो गया। छह अगस्त से चल रही हड़ताल को नगर पालिका कर्मचारी संघ ने अब 11 अगस्त तक जारी रखने का फैसला किया है।
सफाई कर्मचारी हड़ताल के कारण नियमित रूप से उठने वाला कूड़ा सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर जमा हो रहा है। कई इलाकों में लोगों को कूड़े के ढेर के बीच से गुजरना पड़ रहा है। बारिश और उमस के मौसम में जमा कूड़े से दुर्गंध और गंदगी की समस्या भी बढ़ रही है।
शहर में प्रतिदिन 120 टन घरेलू और व्यावसायिक कचरा निकलता है। सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से रोजाना 20 टन कूड़े का उठान नहीं हो पा रहा है। शनिवार तक करीब 60 टन कूड़ा जमा होने की स्थिति सामने आई। कर्मचारियों की हड़ताल आगे बढ़ती है तो जमा कचरे का आंकड़ा भी लगातार बढ़ने की आशंका है।
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नगर पालिका कर्मचारी संघ के करनाल इकाई प्रधान राजकुमार ने कहा कि सरकार की ओर से 13 मई को कर्मचारियों के साथ हुए समझौते को लागू करने के बजाय उससे पीछे हटने का प्रयास किया जा रहा है। कर्मचारी इसे स्वीकार नहीं करेंगे।
ये हैं मांगेंराजकुमार ने बताया कि समझौते में कच्चे और अनुबंध कर्मचारियों को पक्का करने, नगर पालिका रोल पर कार्यरत दैनिक वेतन कर्मचारियों को नियमित करने, अग्निशमन विभाग के अनुबंध कर्मचारियों को विभाग के रोल पर लेने और सफाई व सीवर व्यवस्था से ठेका प्रथा समाप्त करने पर सहमति बनी थी।
इसके अलावा कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन, ईएसआई, ईपीएफ, वर्दी भत्ता और जोखिम भत्ता देने जैसी मांगें भी समझौते में शामिल थीं। कर्मचारियों का आरोप है कि इन मांगों को लागू नहीं किया गया, जिसके चलते उन्हें दोबारा आंदोलन करना पड़ा।
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करनाल। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का असर सड़कों पर दिखाई दे रहा है। शहरभर में शनिवार को करीब 60 टन कूड़ा एकत्रित हो गया। छह अगस्त से चल रही हड़ताल को नगर पालिका कर्मचारी संघ ने अब 11 अगस्त तक जारी रखने का फैसला किया है।
सफाई कर्मचारी हड़ताल के कारण नियमित रूप से उठने वाला कूड़ा सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर जमा हो रहा है। कई इलाकों में लोगों को कूड़े के ढेर के बीच से गुजरना पड़ रहा है। बारिश और उमस के मौसम में जमा कूड़े से दुर्गंध और गंदगी की समस्या भी बढ़ रही है।
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शहर में प्रतिदिन 120 टन घरेलू और व्यावसायिक कचरा निकलता है। सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से रोजाना 20 टन कूड़े का उठान नहीं हो पा रहा है। शनिवार तक करीब 60 टन कूड़ा जमा होने की स्थिति सामने आई। कर्मचारियों की हड़ताल आगे बढ़ती है तो जमा कचरे का आंकड़ा भी लगातार बढ़ने की आशंका है।
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नगर पालिका कर्मचारी संघ के करनाल इकाई प्रधान राजकुमार ने कहा कि सरकार की ओर से 13 मई को कर्मचारियों के साथ हुए समझौते को लागू करने के बजाय उससे पीछे हटने का प्रयास किया जा रहा है। कर्मचारी इसे स्वीकार नहीं करेंगे।
ये हैं मांगेंराजकुमार ने बताया कि समझौते में कच्चे और अनुबंध कर्मचारियों को पक्का करने, नगर पालिका रोल पर कार्यरत दैनिक वेतन कर्मचारियों को नियमित करने, अग्निशमन विभाग के अनुबंध कर्मचारियों को विभाग के रोल पर लेने और सफाई व सीवर व्यवस्था से ठेका प्रथा समाप्त करने पर सहमति बनी थी।
इसके अलावा कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन, ईएसआई, ईपीएफ, वर्दी भत्ता और जोखिम भत्ता देने जैसी मांगें भी समझौते में शामिल थीं। कर्मचारियों का आरोप है कि इन मांगों को लागू नहीं किया गया, जिसके चलते उन्हें दोबारा आंदोलन करना पड़ा।