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Karnal News: बहू की हत्या में पांच साल बाद बुजुर्ग ससुर दोषी करार, उम्रकैद
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करनाल। खेत की जमीन के ठेके की राशि में हिस्सा मांगने को लेकर हुए विवाद में बहू की गोली मारकर हत्या करने के मामले में अदालत ने पांच साल बाद फैसला सुनाया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रजनीश कुमार शर्मा की अदालत ने डबरी गांव के बुजुर्ग महेंद्र सिंह को दोषी करार देते हुए उम्रकैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने पर दोषी को एक साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
उप जिला न्यायवादी सचिन कुमार ने बताया कि पुलिस ने जून 2021 में महेंद्र सिंह के बेटे अमरजीत सिंह के बयान पर मामला दर्ज किया था। अमरजीत ने आरोप लगाया था कि खेत की जमीन के ठेके की राशि में हिस्सा मांगने को लेकर विवाद हुआ था। इसी विवाद में उसके पिता महेंद्र सिंह ने उसकी पत्नी कुलविंदर कौर को गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई।
आर्म्स एक्ट में भी सात साल की सजा
अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत उम्रकैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं भरने पर एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। धारा 323 के तहत छह महीने और आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत सात साल की कैद तथा 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई गई है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। जांच और मुकदमे की सुनवाई के दौरान दोषी पहले जितनी अवधि हिरासत में रहा, उसे कुल सजा में समायोजित किया जाएगा।
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उप जिला न्यायवादी सचिन कुमार ने बताया कि पुलिस ने जून 2021 में महेंद्र सिंह के बेटे अमरजीत सिंह के बयान पर मामला दर्ज किया था। अमरजीत ने आरोप लगाया था कि खेत की जमीन के ठेके की राशि में हिस्सा मांगने को लेकर विवाद हुआ था। इसी विवाद में उसके पिता महेंद्र सिंह ने उसकी पत्नी कुलविंदर कौर को गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई।
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आर्म्स एक्ट में भी सात साल की सजा
अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत उम्रकैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं भरने पर एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। धारा 323 के तहत छह महीने और आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत सात साल की कैद तथा 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई गई है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। जांच और मुकदमे की सुनवाई के दौरान दोषी पहले जितनी अवधि हिरासत में रहा, उसे कुल सजा में समायोजित किया जाएगा।
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