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Karnal News: निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों का प्रदर्शन
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करनाल। हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड वर्कर्स यूनियन और हरियाणा राज्य बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन ने गुरुवार को करनाल और नीलोखेड़ी में सरकार एवं निगम प्रबंधन की नीतियों के विरोध में प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने गेट मीटिंग आयोजित कर निजीकरण के प्रस्ताव, पांचवां डिस्कॉम बनाने की योजना तथा लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
करनाल स्थित राजीव गांधी विद्युत सदन में चार घंटे तक चली गेट मीटिंग में कर्मचारियों ने विभाग को निजी हाथों में सौंपने के प्रयासों का विरोध जताया। यूनियन नेताओं ने कहा कि सरकार बिजली निगमों के ढांचे में बदलाव कर कर्मचारियों के हितों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने मांग की कि विभाग में कार्यरत कच्चे कर्मचारियों को नियमित किया जाए, कैशलेस मेडिकल सुविधा लागू की जाए, डीसी रेट और एचकेआरएन कर्मचारियों को समान वेतन मिले तथा जोखिम भत्ता (रिस्क अलाउंस) दिया जाए।
उधर, नीलोखेड़ी में हरियाणा राज्य बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन की बैठक यूनिट प्रधान रमेश चौधरी ऐबला की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में कर्मचारियों ने सरकार और निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि लंबे समय से कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी की जा रही है। यूनियन नेताओं ने निजीकरण का विरोध करते हुए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, ऑनलाइन तबादला नीति समाप्त करने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने और जोखिम भत्ता लागू करने की मांग दोहराई।
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यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 26 जून को डिवीजन स्तर पर गेट मीटिंग आयोजित की जाएगी, जबकि 30 जून को सर्कल स्तर पर रोष प्रदर्शन कर सरकार तक कर्मचारियों की आवाज पहुंचाई जाएगी। बैठकों में दोनों यूनियनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे। कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रखने का संकल्प भी लिया।
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करनाल स्थित राजीव गांधी विद्युत सदन में चार घंटे तक चली गेट मीटिंग में कर्मचारियों ने विभाग को निजी हाथों में सौंपने के प्रयासों का विरोध जताया। यूनियन नेताओं ने कहा कि सरकार बिजली निगमों के ढांचे में बदलाव कर कर्मचारियों के हितों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने मांग की कि विभाग में कार्यरत कच्चे कर्मचारियों को नियमित किया जाए, कैशलेस मेडिकल सुविधा लागू की जाए, डीसी रेट और एचकेआरएन कर्मचारियों को समान वेतन मिले तथा जोखिम भत्ता (रिस्क अलाउंस) दिया जाए।
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उधर, नीलोखेड़ी में हरियाणा राज्य बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन की बैठक यूनिट प्रधान रमेश चौधरी ऐबला की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में कर्मचारियों ने सरकार और निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि लंबे समय से कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी की जा रही है। यूनियन नेताओं ने निजीकरण का विरोध करते हुए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, ऑनलाइन तबादला नीति समाप्त करने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने और जोखिम भत्ता लागू करने की मांग दोहराई।
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यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 26 जून को डिवीजन स्तर पर गेट मीटिंग आयोजित की जाएगी, जबकि 30 जून को सर्कल स्तर पर रोष प्रदर्शन कर सरकार तक कर्मचारियों की आवाज पहुंचाई जाएगी। बैठकों में दोनों यूनियनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे। कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रखने का संकल्प भी लिया।