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Karnal News: महिलाओं की सुरक्षा, सशक्तिकरण और स्वावलंबन पर दिया जोर
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Mon, 09 Mar 2026 01:07 AM IST
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करनाल। जिलेभर में महिला दिवस पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए जिनमें महिलाओं की सुरक्षा, सशक्तिकरण और स्वावलंबन पर जोर दिया गया। इधर, जनवादी महिला समिति, सीटू, सर्व कर्मचारी संघ, एलआईसी यूनियन, ज्ञान विज्ञान समिति, रिटायर कर्मचारी संघ की ओर से रविवार को संयुक्त रूप से फव्वारा पार्क में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी रोहताश वर्मा के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम मांगपत्र भेजा गया।
मुख्य वक्ता के तौर पर अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की राज्य उपप्रधान अमीता, जिला सचिव जरासो देवी, सीटू जिला प्रधान बिजनेश राणा, पार्वती तनेजा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस दुनिया भर की महिलाओं के संघर्षों, एकजुटता और समाज में बदलाव लाने की आकांक्षा का प्रतीक है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि महिलाओं ने इस समाज में अपनी स्थितियों को बेहतर बनाने के लिए और समान नागरिक अधिकार पाने के लिए कड़े संघर्ष किए हैं। आज जो कुछ भी महिलाओं के पास है वो उन्हें स्वत: नहीं मिला बल्कि यह संगठित आंदोलनों और बलिदानों का परिणाम है।
समान काम के लिए मिले समान वेतन
महिलाओं ने वोट डालने और चुनाव लड़ने का अधिकार, कानून के सामने बराबरी और भेदभाव के खिलाफ संरक्षण का अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार के अधिकार, समान काम के लिए समान वेतन, मातृत्व लाभ और श्रम अधिकार, संपत्ति और उत्तराधिकार अधिकार, हिंसा से सुरक्षा, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से सुरक्षा, राजनीतिक प्रतिनिधित्व आदि अधिकार लंबी लड़ाइयों से हासिल किए और आज भी गैर बराबरी और शोषण के खिलाफ महिलाओं के संघर्ष जारी है। सीटू के जिला सचिव सतपाल सैनी, ओपी माटा, जगपाल राणा ने कहा कि मेहनतकश महिलाओं की रोजी-रोटी छिन रही है, चार लेबर कोड्स के जरिए मजदूरों के अधिकार कमजोर कर दिए हैं।
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मुख्य वक्ता के तौर पर अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की राज्य उपप्रधान अमीता, जिला सचिव जरासो देवी, सीटू जिला प्रधान बिजनेश राणा, पार्वती तनेजा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस दुनिया भर की महिलाओं के संघर्षों, एकजुटता और समाज में बदलाव लाने की आकांक्षा का प्रतीक है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि महिलाओं ने इस समाज में अपनी स्थितियों को बेहतर बनाने के लिए और समान नागरिक अधिकार पाने के लिए कड़े संघर्ष किए हैं। आज जो कुछ भी महिलाओं के पास है वो उन्हें स्वत: नहीं मिला बल्कि यह संगठित आंदोलनों और बलिदानों का परिणाम है।
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समान काम के लिए मिले समान वेतन
महिलाओं ने वोट डालने और चुनाव लड़ने का अधिकार, कानून के सामने बराबरी और भेदभाव के खिलाफ संरक्षण का अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार के अधिकार, समान काम के लिए समान वेतन, मातृत्व लाभ और श्रम अधिकार, संपत्ति और उत्तराधिकार अधिकार, हिंसा से सुरक्षा, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से सुरक्षा, राजनीतिक प्रतिनिधित्व आदि अधिकार लंबी लड़ाइयों से हासिल किए और आज भी गैर बराबरी और शोषण के खिलाफ महिलाओं के संघर्ष जारी है। सीटू के जिला सचिव सतपाल सैनी, ओपी माटा, जगपाल राणा ने कहा कि मेहनतकश महिलाओं की रोजी-रोटी छिन रही है, चार लेबर कोड्स के जरिए मजदूरों के अधिकार कमजोर कर दिए हैं।