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Karnal News: घरेलू हिंसा में फरीदाबाद टॉप पर, पानीपत 10 वें स्थान पर
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पानीपत। प्रदेश में घरेलू हिंसा के मामलों में गिरावट दर्ज की गई। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण की रिपोर्ट में हरियाणा में 18 से 49 वर्ष के महिलाओं के घरेलू हिंसा का शिकार होने के मामले 32 से घटकर 18.2 फीसदी दर्ज किए गए। हाल ही में महिला एवं बाल विकास विभाग हरियाणा के ताजा आंकड़े जारी किए हैं।
आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 में प्रदेश में घरेलू हिंसा के 5,135 मामले दर्ज हुए। जिले में सबसे अधिक 570 मामले फरीदाबाद दर्ज किए गए हैं। वहीं, जींद, अंबाला, करनाल, हिसार भी टॉप पांच में शामिल हैं। औद्योगिक नगरी पानीपत इस सूची में 10 वें नंबर पर है। रिपोर्ट के मुताबिक,प्रदेश के सिरसा जिले में वर्ष 2025 में घरेलू हिंसा का कोई मामला दर्ज नहीं किया गया। प्रदेश में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा घरेलू हिंसा को रोकने के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए जागरूकता अभियान भी चलाए गए। जिसका असर भी नजर आने लगा। प्रदेश में घरेलू हिंसा के मामलों में कमी हुई। वर्ष 2022 में प्रदेश में घरेलू हिंसा के 8071 मामले दर्ज किए गए थे। वहीं, वर्ष 2023 में यह संख्या घटकर 7756 रह गई थी।
वर्ष 2024 में एक बार फिर हिंसा के मामलों में वृद्धि हुई है जो 8655 तक पहुंच गई थी। वर्ष 2025 में आंकड़ों में भारी गिरावट दर्ज की गई। गतवर्ष प्रदेश में घरेलू हिंसा के मामले घटकर 5135 रह गए। हालांकि, अभी भी मामले सामने आ रहे हैं। सरकार का लक्ष्य जिले में घरेलू हिंसा के मामलों को कम से कम करना है।
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आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 में प्रदेश में घरेलू हिंसा के 5,135 मामले दर्ज हुए। जिले में सबसे अधिक 570 मामले फरीदाबाद दर्ज किए गए हैं। वहीं, जींद, अंबाला, करनाल, हिसार भी टॉप पांच में शामिल हैं। औद्योगिक नगरी पानीपत इस सूची में 10 वें नंबर पर है। रिपोर्ट के मुताबिक,प्रदेश के सिरसा जिले में वर्ष 2025 में घरेलू हिंसा का कोई मामला दर्ज नहीं किया गया। प्रदेश में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा घरेलू हिंसा को रोकने के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए जागरूकता अभियान भी चलाए गए। जिसका असर भी नजर आने लगा। प्रदेश में घरेलू हिंसा के मामलों में कमी हुई। वर्ष 2022 में प्रदेश में घरेलू हिंसा के 8071 मामले दर्ज किए गए थे। वहीं, वर्ष 2023 में यह संख्या घटकर 7756 रह गई थी।
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वर्ष 2024 में एक बार फिर हिंसा के मामलों में वृद्धि हुई है जो 8655 तक पहुंच गई थी। वर्ष 2025 में आंकड़ों में भारी गिरावट दर्ज की गई। गतवर्ष प्रदेश में घरेलू हिंसा के मामले घटकर 5135 रह गए। हालांकि, अभी भी मामले सामने आ रहे हैं। सरकार का लक्ष्य जिले में घरेलू हिंसा के मामलों को कम से कम करना है।