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Karnal News: हाथ के हुनर से शौक बन गया कारोबार
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Fri, 16 Jan 2026 01:54 AM IST
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शिवांगी
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। बायोटेक की पढ़ाई करते हुए शिवांगी ने हाथ का हुनर दिखा कपड़ों पर कलाकृति बनानी शुरू की और इस कला ने धीरे-धीरे बिजनेस का रूप ले लिया। इसी शौक ने उन्हें आत्मनिर्भर बना लिया। चार साल पहले पढ़ाई के दौरान करीब 3 हजार रुपये निवेश कर शिवांगी ने काम की शुरुआत की। वह कॉलेज के बाद और खाली समय में डिजाइन पर काम करतीं, कपड़ों पर नए पैटर्न आजमातीं रहीं। जैसे-जैसे लोगों की तारीफ और ऑर्डर मिलने लगे, यह शौक पहचान बनती चली गई। आज वही काम हर महीने 40 हजार रुपये से अधिक की कमाई का साधन बन चुका है।
एक दिन में आने लगे 10 से 20 ऑर्डर
कस्टमाइज फैब्रिक पेंटिंग, साड़ियों पर चित्रकारी, एंब्रोयडरी, वॉल पेंटिंग जैसे उत्पाद बनाकर हर महीने 40 हजार रुपये तक की कमाई का जरिया बन गया है। एक दिन में करीब 10 से 20 ऑर्डर आने लगे हैं जिसमें करीब 4 साल का समय लगा। किसी एक ऑर्डर पर 2 हजार तो किसी की तीन हजार तक रुपये में बिक्री हो रही है जो ग्राहक की पसंद के अनुसार तैयार किया जाता है। अब सेक्टर-13 में शिवांगी क्रिएटिव्स रचनात्मकता और आत्मनिर्भरता की पहचान बन चुकी है। शिवांगी ने बताया कि बिजनेस को असली उड़ान तब मिली जब उन्हें विदेश से भी ऑर्डर आने लगे। सेक्टर-14 स्थित पंडित चिरंजीलाल शर्मा राजकीय महाविद्यालय में इन्क्यूबेशन केंद्र से शुरू किए बिजनेस में सोशल मीडिया ने भी काफी बेहतर रोल निभाया जिसके जरिये लोगों ने इंस्टाग्राम प्लेटफार्म पर बनी प्रोफाइल से प्रोडक्ट को पसंद किया और कनाडा से भी 15 से 20 हजार के ऑर्डर आने लगे। शिवांगी ने बताया कि 12वीं के बाद कॉलेज में पढ़ाई के साथ-साथ बिजनेस स्टार्टअप किया जिसके बाद उन्होंने बायोटेक में मास्टर की डिग्री भी हासिल की।
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करनाल। बायोटेक की पढ़ाई करते हुए शिवांगी ने हाथ का हुनर दिखा कपड़ों पर कलाकृति बनानी शुरू की और इस कला ने धीरे-धीरे बिजनेस का रूप ले लिया। इसी शौक ने उन्हें आत्मनिर्भर बना लिया। चार साल पहले पढ़ाई के दौरान करीब 3 हजार रुपये निवेश कर शिवांगी ने काम की शुरुआत की। वह कॉलेज के बाद और खाली समय में डिजाइन पर काम करतीं, कपड़ों पर नए पैटर्न आजमातीं रहीं। जैसे-जैसे लोगों की तारीफ और ऑर्डर मिलने लगे, यह शौक पहचान बनती चली गई। आज वही काम हर महीने 40 हजार रुपये से अधिक की कमाई का साधन बन चुका है।
एक दिन में आने लगे 10 से 20 ऑर्डर
कस्टमाइज फैब्रिक पेंटिंग, साड़ियों पर चित्रकारी, एंब्रोयडरी, वॉल पेंटिंग जैसे उत्पाद बनाकर हर महीने 40 हजार रुपये तक की कमाई का जरिया बन गया है। एक दिन में करीब 10 से 20 ऑर्डर आने लगे हैं जिसमें करीब 4 साल का समय लगा। किसी एक ऑर्डर पर 2 हजार तो किसी की तीन हजार तक रुपये में बिक्री हो रही है जो ग्राहक की पसंद के अनुसार तैयार किया जाता है। अब सेक्टर-13 में शिवांगी क्रिएटिव्स रचनात्मकता और आत्मनिर्भरता की पहचान बन चुकी है। शिवांगी ने बताया कि बिजनेस को असली उड़ान तब मिली जब उन्हें विदेश से भी ऑर्डर आने लगे। सेक्टर-14 स्थित पंडित चिरंजीलाल शर्मा राजकीय महाविद्यालय में इन्क्यूबेशन केंद्र से शुरू किए बिजनेस में सोशल मीडिया ने भी काफी बेहतर रोल निभाया जिसके जरिये लोगों ने इंस्टाग्राम प्लेटफार्म पर बनी प्रोफाइल से प्रोडक्ट को पसंद किया और कनाडा से भी 15 से 20 हजार के ऑर्डर आने लगे। शिवांगी ने बताया कि 12वीं के बाद कॉलेज में पढ़ाई के साथ-साथ बिजनेस स्टार्टअप किया जिसके बाद उन्होंने बायोटेक में मास्टर की डिग्री भी हासिल की।
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