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Karnal News: 2 से 8 अप्रैल तक मनाया जाएगा कर्मयोगी सप्ताह
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2 से 8 अप्रैल तक मनाया जाएगा कर्मयोगी सप्ताह, पंचायतों में पारदर्शिता पर जोर
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल।
हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान में शुक्रवार को आयोजित एक बैठक में ग्राम पंचायतों के विकास, पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर महत्वपूर्ण मंथन किया गया। इस दौरान 2 से 8 अप्रैल तक कर्मयोगी सप्ताह मनाने की घोषणा की गई। इसके तहत प्रदेशभर में प्रशिक्षण सत्र, कार्यशालाएं और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
संस्थान के निदेशक डॉ वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री जागृत ग्राम पुरस्कार जैसी पहलें पंचायतों को बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करती हैं। उन्होंने कहा कि पुरस्कारों की पारदर्शी जांच प्रक्रिया बेहद जरूरी है, ताकि वास्तव में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायतों को ही पहचान और सम्मान मिल सके।
उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर विकास की गति तभी तेज होगी, जब पंचायतें योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ नवाचार और जनभागीदारी को भी बढ़ावा दें। पारदर्शी और जवाबदेह पंचायतें ही मजबूत राष्ट्र की नींव रखती हैं और इस दिशा में ऐसे पुरस्कार नई ऊर्जा प्रदान करते हैं।
डॉ. चौहान ने मिशन कर्मयोगी पर बताया कि यह पहल सरकारी कर्मचारियों की कार्यक्षमता और कौशल विकास को बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इसके तहत अधिकारियों और कर्मचारियों को आधुनिक तकनीक, पारदर्शिता और सेवा भावना के साथ कार्य करने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।
उन्होंने बताया कि कर्मयोगी सप्ताह के दौरान विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य कर्मचारियों को अपने दायित्वों के प्रति अधिक उत्तरदायी और दक्ष बनाना है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
बैठक में संकाय सदस्य संदीप कुमार ने समन्वयक की भूमिका निभाते हुए कार्यक्रम का संचालन किया। इस अवसर पर संसाधन व्यक्ति नारायण दत्त, देशराज, कुलदीप कुमार, मुकेश शर्मा, सुनीता, ज्योति, पारुल, निर्मला सहित अन्य भी उपस्थित रहे।
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करनाल।
हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान में शुक्रवार को आयोजित एक बैठक में ग्राम पंचायतों के विकास, पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर महत्वपूर्ण मंथन किया गया। इस दौरान 2 से 8 अप्रैल तक कर्मयोगी सप्ताह मनाने की घोषणा की गई। इसके तहत प्रदेशभर में प्रशिक्षण सत्र, कार्यशालाएं और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
संस्थान के निदेशक डॉ वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री जागृत ग्राम पुरस्कार जैसी पहलें पंचायतों को बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करती हैं। उन्होंने कहा कि पुरस्कारों की पारदर्शी जांच प्रक्रिया बेहद जरूरी है, ताकि वास्तव में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायतों को ही पहचान और सम्मान मिल सके।
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उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर विकास की गति तभी तेज होगी, जब पंचायतें योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ नवाचार और जनभागीदारी को भी बढ़ावा दें। पारदर्शी और जवाबदेह पंचायतें ही मजबूत राष्ट्र की नींव रखती हैं और इस दिशा में ऐसे पुरस्कार नई ऊर्जा प्रदान करते हैं।
डॉ. चौहान ने मिशन कर्मयोगी पर बताया कि यह पहल सरकारी कर्मचारियों की कार्यक्षमता और कौशल विकास को बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इसके तहत अधिकारियों और कर्मचारियों को आधुनिक तकनीक, पारदर्शिता और सेवा भावना के साथ कार्य करने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।
उन्होंने बताया कि कर्मयोगी सप्ताह के दौरान विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य कर्मचारियों को अपने दायित्वों के प्रति अधिक उत्तरदायी और दक्ष बनाना है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
बैठक में संकाय सदस्य संदीप कुमार ने समन्वयक की भूमिका निभाते हुए कार्यक्रम का संचालन किया। इस अवसर पर संसाधन व्यक्ति नारायण दत्त, देशराज, कुलदीप कुमार, मुकेश शर्मा, सुनीता, ज्योति, पारुल, निर्मला सहित अन्य भी उपस्थित रहे।