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Karnal News: डंपर की टक्कर से नौ माह की गर्भवती महिला की मौत, सास और जेठ गंभीर
Tue, 28 Apr 2026 02:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Tue, 28 Apr 2026 02:59 AM IST
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.उमा देवी फाइल फोटो
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करनाल।
इंद्री रोड पर दरड गांव के चौक के पास बजरी से भरे डंपर की टक्कर से बाइक सवार संगोही गांव निवासी उमा देवी (32) की मौत हो गई। उनके गर्भ में नौ माह का बच्चा था। दो दिन बाद ही डिलीवरी होनी थी। हादसे में बाइक पर सवार जेठ राजेश और सास नारो देवी गंभीर रूप से घायल हो गए।
उमा देवी को अस्पताल में जांच करानी थी। तीनों इसी मकसद से जा रहे थे। हादसे के बाद चालक माैके पर डंपर छोड़कर भाग गया। पुलिस ने चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रत्यक्षदर्शी दीपक सैनी और सुरेन्द्र ने बताया कि हादसा सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे हुआ। दरड़ चौक के पास पीछे से आ रहे तेज रफ्तार डंपर की चपेट में आकर बाइक गिर पड़ी। हादसे में राजेश और नारो की टांगों के ऊपर से डंपर गुजर गया। उमा देवी का सिर सड़क से टकराया। गंभीर चोट लगी।
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आसपास के लोगों ने तीनों को सिविल अस्पताल पहुंचाया। गंभीर होते देख डॉक्टर ने उनको पीजीआई, रोहतक रेफर कर दिया। पीजीआई के रास्ते में उमा देवी ने दम तोड़ दिया।
पुलिस जांच अधिकारी नरेश कुमार ने बताया कि पुलिस ने घायल राजेश के चचेरे भाई सीताराम की शिकायत पर आरोपी डंपर चालक के खिलाफ लापरवाही और तेज रफ्तार से वाहन चलाने से संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।
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मातम में बदली खुशियां
उमा देवी की डेढ़ साल की बच्ची की मां थीं। अब वह 9 माह की गर्भवती थीं। डॉक्टर ने डिलीवरी के लिए दो दिन का समय दिया था। परिवार में खुशी थी। हादसे में उमा और गर्भस्थ शिशु की मौत से खुशियां मातम में बदल गईं। हादसे से गांव में शोक का माहौल है।
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तेज रफ्तार वाहनों के चालान की मांग
यमुनानगर से रेत और बजरी से भरे हुए डंपर इंद्री रोड से निकलते हैं। स्थानीय लोगों जसमेर, साहिल, चमन, अशोक कुमार ने बताया कि चालक तेज रफ्तार से गाड़ी चलाते हैं। इस कारण आए दिन हादसे होते हैं। सड़क पर लगातार पुलिस चेकिंग होनी चाहिए। तेज रफ्तार व ओवरलोड वाहनों का चालान किया जाना चाहिए।
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इंद्री रोड पर दरड गांव के चौक के पास बजरी से भरे डंपर की टक्कर से बाइक सवार संगोही गांव निवासी उमा देवी (32) की मौत हो गई। उनके गर्भ में नौ माह का बच्चा था। दो दिन बाद ही डिलीवरी होनी थी। हादसे में बाइक पर सवार जेठ राजेश और सास नारो देवी गंभीर रूप से घायल हो गए।
उमा देवी को अस्पताल में जांच करानी थी। तीनों इसी मकसद से जा रहे थे। हादसे के बाद चालक माैके पर डंपर छोड़कर भाग गया। पुलिस ने चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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प्रत्यक्षदर्शी दीपक सैनी और सुरेन्द्र ने बताया कि हादसा सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे हुआ। दरड़ चौक के पास पीछे से आ रहे तेज रफ्तार डंपर की चपेट में आकर बाइक गिर पड़ी। हादसे में राजेश और नारो की टांगों के ऊपर से डंपर गुजर गया। उमा देवी का सिर सड़क से टकराया। गंभीर चोट लगी।
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आसपास के लोगों ने तीनों को सिविल अस्पताल पहुंचाया। गंभीर होते देख डॉक्टर ने उनको पीजीआई, रोहतक रेफर कर दिया। पीजीआई के रास्ते में उमा देवी ने दम तोड़ दिया।
पुलिस जांच अधिकारी नरेश कुमार ने बताया कि पुलिस ने घायल राजेश के चचेरे भाई सीताराम की शिकायत पर आरोपी डंपर चालक के खिलाफ लापरवाही और तेज रफ्तार से वाहन चलाने से संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।
मातम में बदली खुशियां
उमा देवी की डेढ़ साल की बच्ची की मां थीं। अब वह 9 माह की गर्भवती थीं। डॉक्टर ने डिलीवरी के लिए दो दिन का समय दिया था। परिवार में खुशी थी। हादसे में उमा और गर्भस्थ शिशु की मौत से खुशियां मातम में बदल गईं। हादसे से गांव में शोक का माहौल है।
तेज रफ्तार वाहनों के चालान की मांग
यमुनानगर से रेत और बजरी से भरे हुए डंपर इंद्री रोड से निकलते हैं। स्थानीय लोगों जसमेर, साहिल, चमन, अशोक कुमार ने बताया कि चालक तेज रफ्तार से गाड़ी चलाते हैं। इस कारण आए दिन हादसे होते हैं। सड़क पर लगातार पुलिस चेकिंग होनी चाहिए। तेज रफ्तार व ओवरलोड वाहनों का चालान किया जाना चाहिए।