{"_id":"6a78e1c0b65ef513780cad1c","slug":"demand-for-a-cbi-probe-into-the-encounter-karnal-news-c-18-knl1018-966313-2026-08-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: एनकाउंटर की सीबीआई जांच करवाने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: एनकाउंटर की सीबीआई जांच करवाने की मांग
विज्ञापन
.रोड समाज की बैठक मे विचार रखते प्रवक्ता समाज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
करनाल। हांसी रोड पर बीरू वाल्मीकि हत्याकांड के बाद पुलिस मुठभेड़ में मारे गए दोनों शूटरों के एनकाउंटर पर सवाल उठ रहे हैं। रविवार को हर्ष के गांव काला माजरा में पंचायत हुई जिसमें हर्ष और बीरबल के एनकाउंटर की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की गई। पंचायत में ऑल इंडिया रोड महासभा के प्रधान बलकार सिंह समेत कई लोग शामिल हुए।
किसान नेता राजेंद्र आर्य ने बताया कि पंचायत में सर्वसम्मति से मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग रखी गई। उन्होंने कहा कि हर्ष के परिवार का दावा है कि उसने पुलिस के सामने समर्पण किया था। इसके बावजूद उसे मुठभेड़ में मार दिया गया। इसी कारण परिवार और ग्रामीण पूरे मामले की निष्पक्ष जांच चाहते हैं।
राजेंद्र आर्य के मुताबिक इस मुद्दे को लेकर सोमवार को रोड धर्मशाला में भी बैठक रखी गई है, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने बताया कि हर्ष के माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है। उसके दो छोटे भाई हैं, जो अपने ताऊ के साथ रहते हैं।
विज्ञापन
उन्होंने दावा किया कि हर्ष के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं था। हालांकि, हर्ष के आपराधिक रिकॉर्ड से संबंधित इन दावों की पुलिस रिकॉर्ड के आधार पर स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
सोशल मीडिया पर एनकाउंटर को बताया फर्जी
हर्ष के एनकाउंटर के बाद रोड़ समाज नाम के फेसबुक अकाउंट से पंचायत से संबंधित पोस्टर शेयर किया गया। पोस्टर में हर्ष के एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए ग्रामीणों से पंचायत में पहुंचने की अपील की गई थी। पोस्टर में रविवार सुबह 9 बजे पंचायत का समय दिया गया था, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार पंचायत दोपहर करीब 12 बजे हुई।
ये आरोप निराधार हैं। अगर उनके परिजन जांच करवाना चाहते हैं तो करवा सकते हैं। -संदीप कुमार, डीएसपी, हेडक्वार्टर, करनाल
पांच अगस्त की रात को कर दी गई थी बीरू की हत्या
बीरू वाल्मीकि की हत्या 5 अगस्त की रात हांसी रोड पर हुई थी। पुलिस के अनुसार, दो बदमाशों ने बीरू को गोली मारी थी। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गए थे। पुलिस ने जांच के दौरान हर्ष और बीरबल को इस हत्याकांड में शामिल शूटर बताया था। हत्या के बाद बीरू के परिजन और समाज के लोगों में आक्रोश फैल गया था। 6 अगस्त को बीरू की पत्नी आरोपियों की गिरफ्तारी और कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क पर बैठ गई थी। रोड जाम कर दिया था। पुलिस से मुठभेड़ में हत्याकांड के आरोपी हर्ष और बीरबल की मौत हो गई थी।
विज्ञापन
किसान नेता राजेंद्र आर्य ने बताया कि पंचायत में सर्वसम्मति से मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग रखी गई। उन्होंने कहा कि हर्ष के परिवार का दावा है कि उसने पुलिस के सामने समर्पण किया था। इसके बावजूद उसे मुठभेड़ में मार दिया गया। इसी कारण परिवार और ग्रामीण पूरे मामले की निष्पक्ष जांच चाहते हैं।
विज्ञापन
राजेंद्र आर्य के मुताबिक इस मुद्दे को लेकर सोमवार को रोड धर्मशाला में भी बैठक रखी गई है, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने बताया कि हर्ष के माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है। उसके दो छोटे भाई हैं, जो अपने ताऊ के साथ रहते हैं।
विज्ञापन
उन्होंने दावा किया कि हर्ष के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं था। हालांकि, हर्ष के आपराधिक रिकॉर्ड से संबंधित इन दावों की पुलिस रिकॉर्ड के आधार पर स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
सोशल मीडिया पर एनकाउंटर को बताया फर्जी
हर्ष के एनकाउंटर के बाद रोड़ समाज नाम के फेसबुक अकाउंट से पंचायत से संबंधित पोस्टर शेयर किया गया। पोस्टर में हर्ष के एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए ग्रामीणों से पंचायत में पहुंचने की अपील की गई थी। पोस्टर में रविवार सुबह 9 बजे पंचायत का समय दिया गया था, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार पंचायत दोपहर करीब 12 बजे हुई।
ये आरोप निराधार हैं। अगर उनके परिजन जांच करवाना चाहते हैं तो करवा सकते हैं। -संदीप कुमार, डीएसपी, हेडक्वार्टर, करनाल
पांच अगस्त की रात को कर दी गई थी बीरू की हत्या
बीरू वाल्मीकि की हत्या 5 अगस्त की रात हांसी रोड पर हुई थी। पुलिस के अनुसार, दो बदमाशों ने बीरू को गोली मारी थी। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गए थे। पुलिस ने जांच के दौरान हर्ष और बीरबल को इस हत्याकांड में शामिल शूटर बताया था। हत्या के बाद बीरू के परिजन और समाज के लोगों में आक्रोश फैल गया था। 6 अगस्त को बीरू की पत्नी आरोपियों की गिरफ्तारी और कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क पर बैठ गई थी। रोड जाम कर दिया था। पुलिस से मुठभेड़ में हत्याकांड के आरोपी हर्ष और बीरबल की मौत हो गई थी।