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Haryana: भारत जोड़ो यात्रा संग बिछ रही सियासी बिसात, कमजोर हुए क्षेत्रों में दोबारा जान फूंकने की तैयारी
देव शर्मा, अमर उजाला ब्यूरो, करनाल (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Mon, 09 Jan 2023 08:01 AM IST
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सार
कांग्रेस का गढ़ रहने के बावजूद कमजोर हुए क्षेत्रों में दोबारा जान फूंकने की तैयारी है। पानीपत में राहुल गांधी की रैली और करनाल में रात्रि पड़ाव रणनीति का हिस्सा रहे। करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला की तीन लोस सहित विस सीटों पर कांग्रेस की नजर है।
हरियाणा में भारत जोड़ो यात्रा।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी चुनावी वर्ष-2024 के लिए हरियाणा में सियासी बिसात भी बिछा रहे हैं। यही कारण है कि हरियाणा में यात्रा का रूट मैप बहुत ही रणनीतिक तरीके से तैयार किया गया है। यात्रा का फोकस उन क्षेत्रों पर रखा गया है जो कभी कांग्रेस का गढ़ रहे हैं और फिलहाल कमजोर स्थिति में है।
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जीटी बेल्ट में पानीपत की रैली, करनाल में राहुल गांधी का रात्रि विश्राम और कुरुक्षेत्र में ब्रह्मसरोवर की आरती कांग्रेस की चुनावी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है, तभी तो राहुल गांधी यात्रा में चलते-चलते और पड़ाव के दौरान कांग्रेसियों को उत्साहित करते हुए आगे के लिए कमर कसने और सूबे में जल्द संगठन को तैयार कर एकजुट होने का संदेश दे रहे हैं, हालांकि कांग्रेस नेताओं की ओर से बार-बार यह बताया जा रहा है कि यह सियासी यात्रा नहीं है।
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पार्टी सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी भले ही हर रोज भारत जोड़ो यात्रा के तहत पदयात्रा कर रहे हों लेकिन जहां से वह गुजरते हैं, वहां के नेता दिल्ली स्थिति कांग्रेस के कार्यालय में जाते हैं, जहां उन्हें 2024 की जीत के लिए रोडमैप समझाया जाता है।
किसानों, विभिन्न संगठनों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनना भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। यात्रा के दौरान सामने आने वाले तमाम मुद्दों से कांग्रेस की घोषणा पत्र कमेटी के सदस्यों के समक्ष चर्चा के लिए रखा जाना है, ताकि कांग्रेस आगामी चुनावों के मद्देनजर एक मजबूत घोषणा पत्र तैयार कर सके।
करनाल, कुरुक्षेत्र और अंबाला लोकसभा क्षेत्र में सभी लोकसभा व विधानसभा क्षेत्रों में से अधिकतर पर भाजपा-जजपा के विधायक व सांसद काबिज हैं। तीनों लोक सभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है। करनाल में संजय भाटिया, कुरुक्षेत्र में नायब सिंह सैनी और अंबाला में रतन लाल कटारिया भाजपा सांसद हैं।
करनाल लोकसभा क्षेत्र की बात करें तो यहां नौ विधान सभा क्षेत्र करनाल, नीलोखेड़ी, इंद्री, घरौंडा, असंध, पानीपत ग्रामीण, पानीपत शहर, इसराना और समालखा शामिल हैं। इसमें करनाल विधान सभा क्षेत्र से खुद हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल विधायक हैं।
कुल नौ सीटों में करनाल, इंद्री, घरौंडा, पानीपत शहर व ग्रामीण भाजपा के कब्जे में हैं, सातवीं नीलोखेड़ी में निर्दलीय विधायक हैं लेकिन भाजपा को समर्थन दे रखा है। कांग्रेस के पास असंध, इसराना और समालखा की तीन ही सीटें हैं। इसी तरह से कुरुक्षेत्र लोक सभा क्षेत्र में कांग्रेस के पास रादौर व लाडवा की सिर्फ दो ही सीटें हैं, जबकि भाजपा के पास थानेसर, पिहोवा, कलायत, कैथल है। दो सीटें शाहाबाद व गुहला सहयोगी जजपा के पास है, एक निर्दलीय पूंडरी है।
तीसरा अंबाला लोक सभा क्षेत्र में भी कालका, पंचकूला, नारायणगढ़, अंबाला कैंट, अंबाला सिटी, मुलाना, संधौरा व यमुनानगर। इन नौ सीटों में पांच भाजपा के पास हैं। इस क्षेत्र को भाजपा का मजबूत दुर्ग कहा जाता है। ये वह सीटें हैं, जहां कभी कांग्रेस का परचम लहराता था।
करनाल में यात्रा के दौरान विधायक शमशेर सिंह गोगी दिल्ली कांग्रेस गए थे, जहां हरियाणा विजय के रोडमैप के तहत उन्हें कुछ मंत्र दिए गए, हालांकि क्या मंत्र दिया गया उन्होंने इसका खुलासा नहीं किया। रविवार को हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा यूं तो अलग पंडाल में बैठकर हरियाणा भर से आए कांग्रेसियों, अपने खास लोगों से चर्चा करते नजर आए। बाद में राहुल गांधी के साथ मुलाकात भी की। हरियाणा कांग्रेस की पूर्व प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा और कांग्रेस सेवादल के प्रदेश महासचिव जोगेंद्र चौहान, जिला प्रधान अनिल शर्मा भी मिले।
उधर, इंद्रजीत गोराया, ललित बुटाना आदि ने रविवार की सुबह शामगढ़ में राहुल गांधी से मुलाकात की और सिरोपा भी भेंट किया। इंद्रजीत गोराया ने बताया कि कई अन्य लोग भी पैदल यात्रा के दौरान पार्टी की अनुमति से राहुल गांधी से मिले हैं, किन सीटों पर कांग्रेस की क्या स्थिति है, मजबूती के लिए क्या किया जा सकता है, इस पर सुझाव लेने के साथ ही राहुल गांधी ने टिप्स भी दिए। इस पर पूरी रणनीति तो यात्रा के बाद बैठकों में बनेगी, लेकिन फिलहाल भाजपा के दबदबे वाली करनाल, अंबाला और कुरुक्षेत्र लोकसभा व विधानसभा सीटों पर कांग्रेस का परचम दोबारा फहराने के लिए रणनीति बनाई जा रही है।

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