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Karnal News: पुराने शहर में आरओ और कैंपरों के पानी से बुझा रहे प्यास
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहर में भूजल की गुणवत्ता भले ही संतोषजनक बताई जा रही हो लेकिन जर्जर और चार दशक से ज्यादा पुरानी पेयजल पाइपलाइनों ने शहरवासियों की परेशानी बढ़ा दी है। खासतौर पर पुराने शहर की आबादी आज भी साफ पानी के लिए जूझ रही है। हालात ऐसे हैं कि नलों से आने वाला पानी पीने योग्य नहीं माना जा रहा, जिसके चलते अधिकांश लोग आरओ से पानी पीने को मजबूर हैं।
पुराने शहर के सात द्वारों के भीतर बसे मोहल्लों और कॉलोनियों में शायद ही कोई ऐसा घर हो, जहां आरओ न लगा हो। यहां के स्थानीय लोगों का कहना है कि सप्लाई के दौरान पाइपलाइनों में सीवरेज और गंदा पानी मिक्स हो जाता है। कई जगहों पर पाइपलाइनें जमीन के नीचे से पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं, जिनमें जगह-जगह लीकेज है। इन्हीं लीकेज के कारण गंदा पानी साफ पानी में मिलकर सीधे घरों तक पहुंच रहा है। जिसे पीने से लोग कई बार बीमार हो चुके हैं।
जहां आरओ की सुविधा नहीं है, वहां लोग मजबूरी में पानी के कैंपरों का सहारा ले रहे हैं। रोजाना अतिरिक्त खर्च कर कैंपर मंगवाना आम बात हो गई है। खासकर गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर इसका सीधा आर्थिक बोझ पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि पहले पानी निगम की सप्लाई से ही पी लिया जाता था लेकिन अब बिना फिल्टर किए पानी पीना स्वास्थ्य के लिए खतरा बन चुका है।
पुरानी कॉलोनियों में जलसंकट
पुराने शहर की कॉलोनियों और तंग मोहल्लों में यह समस्या सबसे ज्यादा गंभीर बनी हुई है। विशेष तौर पर जाटो गेट, बांसो गेट, अर्जुन गेट, कलंदरी गेट, जुंडला गेट, राम नगर, प्रेमनगर, हांसी रोड, जनकपुरी कई इलाकों में नलों से बदबूदार और मटमैला पानी आने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद पाइपलाइन बदलने या स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।
आउटर कॉलोनियों में भी समस्या-
समस्या सिर्फ पुराने शहर तक सीमित नहीं है। शहर की आउटर कॉलोनियों शाम नगर, मंगल कॉलोनी, अशोक नगर, रामदेव कॉलोनी में भी यह परेशानी धीरे-धीरे सामने आने लगी है। नई कॉलोनियों में भी कहीं-कहीं पुरानी लाइनों से कनेक्शन लिए गए हैं, जिससे वहां भी गंदा पानी मिलने की शिकायतें बढ़ रही हैं। इससे साफ है कि यदि समय रहते जर्जर पाइपलाइनों को नहीं बदला गया, तो आने वाले दिनों में पूरे शहर को इस संकट का सामना करना पड़ सकता है।
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डेढ़ साल से आ रहा गंदा पानी
कॉलोनी में करीब डेढ़ साल से गंदा पानी आ रहा है। नालियों से लेकर सीवरेज तक ब्लॉक रहते हैं। यही गंदा पानी पेयजल पाइपलाइन में मिक्स होकर घरों में सप्लाई हो रहा है। कई बार शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका। इस पानी को पीने से लोग बीमार हो रहे हैं।
- सरोज, शामनगर
पानी का प्रेशर भी कम
कॉलोनी में लगे ट्यूबवेल से पानी बहुत कम प्रेशर से आता है। जो पानी आता है उसे बदबू आती है। ये पानी न तो पीने लायक है और न ही किसी अन्य रोजमर्रा के काम के लायक है। कॉलोनी के लोगों के पास दूसरा विकल्प भी नहीं है। रोजाना दूर दराज से पानी भरकर लाना पड़ता है।
- रोहित, अशोक नगर
पानी में आ रहा रेत
पीने के पानी में रेत आता है। कई बार पानी का रंग बदल कर पीला हो जाता है। ये पानी पीने के लायक नहीं है। इसकी कई बार शिकायत की लेकिन अब तक समाधान नहीं हो पाया है। मजबूरी में लोग आरओ इत्यादि इस्तेमाल कर पानी का उपयोग कर रहे हैं।
- राजेंद्र, रामदेव कॉलोनी
सीवर लाइन बिछने के बाद बढ़ी दिक्कत
एक साल पहले कॉलोनी में सीवर लाइन बिछाई गई थी। तब से लेकर पेयजल पाइपलाइन में गंदा पानी आ रहा है। इस पानी को पीकर कई बार बच्चे बीमार हो चुके हैं। अब फिर कॉलोनी में सीवर लाइन बिछाने का काम चल रहा है। ये फायदे की जगह नुकसानदायक होगा।
- जीनपाल, मंगल कॉलोनी
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बीमारियों का बना खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. कुलबीर का कहना है कि दूषित पानी से पेट संबंधी बीमारियां, पीलिया, टाइफाइड और अन्य संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है। ऐसे में आरओ पर बढ़ती निर्भरता भी अपने आप में चिंता का विषय है। इससे न केवल पानी की बर्बादी होती है, बल्कि आम लोगों की जेब पर भी अतिरिक्त भार पड़ता है।
जहां से भी पीने के पानी की शिकायत मिलती है वहीं तुंरत प्रभाव से समाधान कराया जाता है। जहां पाइपलाइन जर्जर है वहां पाइपलाइन बदलवाई भी जा रही है।
- सतीश शर्मा, एक्सईएन, नगर निगम
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करनाल। शहर में भूजल की गुणवत्ता भले ही संतोषजनक बताई जा रही हो लेकिन जर्जर और चार दशक से ज्यादा पुरानी पेयजल पाइपलाइनों ने शहरवासियों की परेशानी बढ़ा दी है। खासतौर पर पुराने शहर की आबादी आज भी साफ पानी के लिए जूझ रही है। हालात ऐसे हैं कि नलों से आने वाला पानी पीने योग्य नहीं माना जा रहा, जिसके चलते अधिकांश लोग आरओ से पानी पीने को मजबूर हैं।
पुराने शहर के सात द्वारों के भीतर बसे मोहल्लों और कॉलोनियों में शायद ही कोई ऐसा घर हो, जहां आरओ न लगा हो। यहां के स्थानीय लोगों का कहना है कि सप्लाई के दौरान पाइपलाइनों में सीवरेज और गंदा पानी मिक्स हो जाता है। कई जगहों पर पाइपलाइनें जमीन के नीचे से पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं, जिनमें जगह-जगह लीकेज है। इन्हीं लीकेज के कारण गंदा पानी साफ पानी में मिलकर सीधे घरों तक पहुंच रहा है। जिसे पीने से लोग कई बार बीमार हो चुके हैं।
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जहां आरओ की सुविधा नहीं है, वहां लोग मजबूरी में पानी के कैंपरों का सहारा ले रहे हैं। रोजाना अतिरिक्त खर्च कर कैंपर मंगवाना आम बात हो गई है। खासकर गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर इसका सीधा आर्थिक बोझ पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि पहले पानी निगम की सप्लाई से ही पी लिया जाता था लेकिन अब बिना फिल्टर किए पानी पीना स्वास्थ्य के लिए खतरा बन चुका है।
पुरानी कॉलोनियों में जलसंकट
पुराने शहर की कॉलोनियों और तंग मोहल्लों में यह समस्या सबसे ज्यादा गंभीर बनी हुई है। विशेष तौर पर जाटो गेट, बांसो गेट, अर्जुन गेट, कलंदरी गेट, जुंडला गेट, राम नगर, प्रेमनगर, हांसी रोड, जनकपुरी कई इलाकों में नलों से बदबूदार और मटमैला पानी आने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद पाइपलाइन बदलने या स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।
आउटर कॉलोनियों में भी समस्या-
समस्या सिर्फ पुराने शहर तक सीमित नहीं है। शहर की आउटर कॉलोनियों शाम नगर, मंगल कॉलोनी, अशोक नगर, रामदेव कॉलोनी में भी यह परेशानी धीरे-धीरे सामने आने लगी है। नई कॉलोनियों में भी कहीं-कहीं पुरानी लाइनों से कनेक्शन लिए गए हैं, जिससे वहां भी गंदा पानी मिलने की शिकायतें बढ़ रही हैं। इससे साफ है कि यदि समय रहते जर्जर पाइपलाइनों को नहीं बदला गया, तो आने वाले दिनों में पूरे शहर को इस संकट का सामना करना पड़ सकता है।
डेढ़ साल से आ रहा गंदा पानी
कॉलोनी में करीब डेढ़ साल से गंदा पानी आ रहा है। नालियों से लेकर सीवरेज तक ब्लॉक रहते हैं। यही गंदा पानी पेयजल पाइपलाइन में मिक्स होकर घरों में सप्लाई हो रहा है। कई बार शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका। इस पानी को पीने से लोग बीमार हो रहे हैं।
- सरोज, शामनगर
पानी का प्रेशर भी कम
कॉलोनी में लगे ट्यूबवेल से पानी बहुत कम प्रेशर से आता है। जो पानी आता है उसे बदबू आती है। ये पानी न तो पीने लायक है और न ही किसी अन्य रोजमर्रा के काम के लायक है। कॉलोनी के लोगों के पास दूसरा विकल्प भी नहीं है। रोजाना दूर दराज से पानी भरकर लाना पड़ता है।
- रोहित, अशोक नगर
पानी में आ रहा रेत
पीने के पानी में रेत आता है। कई बार पानी का रंग बदल कर पीला हो जाता है। ये पानी पीने के लायक नहीं है। इसकी कई बार शिकायत की लेकिन अब तक समाधान नहीं हो पाया है। मजबूरी में लोग आरओ इत्यादि इस्तेमाल कर पानी का उपयोग कर रहे हैं।
- राजेंद्र, रामदेव कॉलोनी
सीवर लाइन बिछने के बाद बढ़ी दिक्कत
एक साल पहले कॉलोनी में सीवर लाइन बिछाई गई थी। तब से लेकर पेयजल पाइपलाइन में गंदा पानी आ रहा है। इस पानी को पीकर कई बार बच्चे बीमार हो चुके हैं। अब फिर कॉलोनी में सीवर लाइन बिछाने का काम चल रहा है। ये फायदे की जगह नुकसानदायक होगा।
- जीनपाल, मंगल कॉलोनी
बीमारियों का बना खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. कुलबीर का कहना है कि दूषित पानी से पेट संबंधी बीमारियां, पीलिया, टाइफाइड और अन्य संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है। ऐसे में आरओ पर बढ़ती निर्भरता भी अपने आप में चिंता का विषय है। इससे न केवल पानी की बर्बादी होती है, बल्कि आम लोगों की जेब पर भी अतिरिक्त भार पड़ता है।
जहां से भी पीने के पानी की शिकायत मिलती है वहीं तुंरत प्रभाव से समाधान कराया जाता है। जहां पाइपलाइन जर्जर है वहां पाइपलाइन बदलवाई भी जा रही है।
- सतीश शर्मा, एक्सईएन, नगर निगम