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Karnal News: हाईकोर्ट के निर्देश पर किसान की जमीन से हटाई सड़क
Wed, 29 Apr 2026 02:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Wed, 29 Apr 2026 02:19 AM IST
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रसूलपुर से जोहड़माजरा जाने वाली टूटी सड़क। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
इंद्री। नोरता गांव में किसान की 84 मरले जमीन पर कब्जे को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश के बाद हटा दिया गया। सोमवार को पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों ने कब्जे वाली जमीन से सड़क उखाड़कर रास्ते को बंद कर दिया।
किसान पवन कुमार ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2017 में अपनी जमीन की निशानदेही करवाई थी, इसमें आधे एकड़ से अधिक जमीन पर पीडब्ल्यूडी की सड़क और बेस्ट फूड इंडस्ट्री का कब्जा था। इसके बाद वर्ष 2018 में उन्होंने अपनी जमीन वापस लेने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया। मई, 2025 में जिला सत्र न्यायालय का शिकायतकर्ता पवन के पक्ष में फैसला आया। इसके बावजूद उन्हें कब्जा नहीं मिल पाया।
आखिरकार किसान ने परेशान होकर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कब्जा दिलवाने की मांग की। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने 29 अप्रैल से पहले किसान को उसकी जमीन का कब्जा दिलाने के निर्देश दिए। इसके बाद पटवारी और कानूनगो सोमवार शाम मौके पर पहुंचे और पीडब्ल्यूडी की सड़क को जेसीबी मशीन की मदद से उखाड़ दिया। किसान पवन ने बताया कि फिलहाल प्रशासन की ओर से सड़क को उखाड़ दिया गया है। बेस्ट फूड इंडस्ट्री से कब्जा दिलाने के प्रश्न पर अधिकारियों ने जवाब नहीं दिया।
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लोग बोले-प्रशासन को विकल्प देना चाहिए थाग्रामीण बलविंद्र, हरीश, अमित, पालाराम का कहना है कि यह सड़क क्षेत्र के रसूलपुर, जोहड़माजरा, मनोहरपुर, इंद्रगढ़ व आसपास के कई गांवों को जोड़ती थी। अब इन गांवों के लिए उन्हें लंबा रास्ता तय करना पड़ेगा। प्रशासन को लोगों के आवागमन को ध्यान में रखते हुए रास्ता बनाने के बाद सड़क को उखाड़ना चाहिए था।
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इंद्री। नोरता गांव में किसान की 84 मरले जमीन पर कब्जे को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश के बाद हटा दिया गया। सोमवार को पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों ने कब्जे वाली जमीन से सड़क उखाड़कर रास्ते को बंद कर दिया।
किसान पवन कुमार ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2017 में अपनी जमीन की निशानदेही करवाई थी, इसमें आधे एकड़ से अधिक जमीन पर पीडब्ल्यूडी की सड़क और बेस्ट फूड इंडस्ट्री का कब्जा था। इसके बाद वर्ष 2018 में उन्होंने अपनी जमीन वापस लेने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया। मई, 2025 में जिला सत्र न्यायालय का शिकायतकर्ता पवन के पक्ष में फैसला आया। इसके बावजूद उन्हें कब्जा नहीं मिल पाया।
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आखिरकार किसान ने परेशान होकर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कब्जा दिलवाने की मांग की। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने 29 अप्रैल से पहले किसान को उसकी जमीन का कब्जा दिलाने के निर्देश दिए। इसके बाद पटवारी और कानूनगो सोमवार शाम मौके पर पहुंचे और पीडब्ल्यूडी की सड़क को जेसीबी मशीन की मदद से उखाड़ दिया। किसान पवन ने बताया कि फिलहाल प्रशासन की ओर से सड़क को उखाड़ दिया गया है। बेस्ट फूड इंडस्ट्री से कब्जा दिलाने के प्रश्न पर अधिकारियों ने जवाब नहीं दिया।
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लोग बोले-प्रशासन को विकल्प देना चाहिए थाग्रामीण बलविंद्र, हरीश, अमित, पालाराम का कहना है कि यह सड़क क्षेत्र के रसूलपुर, जोहड़माजरा, मनोहरपुर, इंद्रगढ़ व आसपास के कई गांवों को जोड़ती थी। अब इन गांवों के लिए उन्हें लंबा रास्ता तय करना पड़ेगा। प्रशासन को लोगों के आवागमन को ध्यान में रखते हुए रास्ता बनाने के बाद सड़क को उखाड़ना चाहिए था।