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Karnal News: जिला अस्पताल में गैस, त्वचा रोग व वायरल बुखार की दवाओं की कमी
Thu, 06 Aug 2026 01:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Thu, 06 Aug 2026 01:58 AM IST
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करनाल। जिला नागरिक अस्पताल में दवाओं की कमी से मरीज परेशान हैं। गैस और एसिडिटी से बचाव के लिए डीएसआर कैप्सूल लिख रहे हैं लेकिन दवा वितरण केंद्र पर पहुंचने पर मरीजों को बताया जा रहा है कि डीएसआर का स्टॉक खत्म हो चुका है। यही स्थिति त्वचा रोग और वायरल बुखार के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कई दवाओं की है।
अस्पताल की ओपीडी में 400 से अधिक मरीजों को एंटीबायोटिक दवाएं दी जाती हैं। इनके साथ पेट में जलन, गैस और एसिडिटी की समस्या से बचाने के लिए डीएसआर कैप्सूल भी नियमित रूप से लिखा जाता है। त्वचा संबंधी रोग लेकर आने वाले मरीजों को सभी दवा अस्पताल से नहीं मिल पा रही हैं। मरीजों को केवल कुछ दवाएं देकर बाकी बाहर से खरीदने की सलाह दी जा रही है।
केस 1 : मेडिकल स्टोर से खरीदी दवा
दयाल सिंह कॉलोनी निवासी मोहित बुखार और गले में संक्रमण की शिकायत लेकर जिला नागरिक अस्पताल पहुंचे थे। डॉक्टर ने जांच के बाद एंटीबायोटिक के साथ डीएसआर कैप्सूल भी लिख दिए। दवा खिड़की पर पहुंचने पर कर्मचारियों ने बताया कि डीएसआर उपलब्ध नहीं है। इसके बाद वह दोबारा डॉक्टर के पास पहुंचे तो उन्हें बाहर से दवा खरीदने की सलाह दी गई। राजेश ने बताया कि सरकारी अस्पताल में इलाज इसलिए कराने आए थे ताकि दवाओं पर खर्च न करना पड़े लेकिन अंत में मेडिकल स्टोर से दवा खरीदनी पड़ी।
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केस -2 : त्वचा रोग की दवा नहीं मिली
मीरा घाटी निवासी अनन्या त्वचा संबंधी समस्या के इलाज के लिए नागरिक अस्पताल पहुंची। डॉक्टर ने जांच के बाद दवाएं लिखीं, लेकिन दवा वितरण केंद्र पर पता चला कि उनमें से कुछ दवाएं स्टॉक में नहीं हैं। उन्हें केवल उपलब्ध दवाएं दी गईं और बाकी दवाएं बाहर से खरीदने के लिए कहा गया। सुनीता ने बताया कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण सरकारी अस्पताल का सहारा लिया था लेकिन दवाएं बाजार से खरीदने के कारण अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ा।
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अस्पताल की ओपीडी में 400 से अधिक मरीजों को एंटीबायोटिक दवाएं दी जाती हैं। इनके साथ पेट में जलन, गैस और एसिडिटी की समस्या से बचाने के लिए डीएसआर कैप्सूल भी नियमित रूप से लिखा जाता है। त्वचा संबंधी रोग लेकर आने वाले मरीजों को सभी दवा अस्पताल से नहीं मिल पा रही हैं। मरीजों को केवल कुछ दवाएं देकर बाकी बाहर से खरीदने की सलाह दी जा रही है।
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केस 1 : मेडिकल स्टोर से खरीदी दवा
दयाल सिंह कॉलोनी निवासी मोहित बुखार और गले में संक्रमण की शिकायत लेकर जिला नागरिक अस्पताल पहुंचे थे। डॉक्टर ने जांच के बाद एंटीबायोटिक के साथ डीएसआर कैप्सूल भी लिख दिए। दवा खिड़की पर पहुंचने पर कर्मचारियों ने बताया कि डीएसआर उपलब्ध नहीं है। इसके बाद वह दोबारा डॉक्टर के पास पहुंचे तो उन्हें बाहर से दवा खरीदने की सलाह दी गई। राजेश ने बताया कि सरकारी अस्पताल में इलाज इसलिए कराने आए थे ताकि दवाओं पर खर्च न करना पड़े लेकिन अंत में मेडिकल स्टोर से दवा खरीदनी पड़ी।
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केस -2 : त्वचा रोग की दवा नहीं मिली
मीरा घाटी निवासी अनन्या त्वचा संबंधी समस्या के इलाज के लिए नागरिक अस्पताल पहुंची। डॉक्टर ने जांच के बाद दवाएं लिखीं, लेकिन दवा वितरण केंद्र पर पता चला कि उनमें से कुछ दवाएं स्टॉक में नहीं हैं। उन्हें केवल उपलब्ध दवाएं दी गईं और बाकी दवाएं बाहर से खरीदने के लिए कहा गया। सुनीता ने बताया कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण सरकारी अस्पताल का सहारा लिया था लेकिन दवाएं बाजार से खरीदने के कारण अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ा।