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Karnal News: नंबर प्लेट बदल ला रहे यूपी का गेहूं, दो आढ़ती को दिया नोटिस
Tue, 28 Apr 2026 02:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Tue, 28 Apr 2026 02:50 AM IST
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मार्केट कमेटी कार्यालय में दिखा यूपी से गेहूं लेकर आने वाला ट्रैक्टर ट्राली संवाद
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करनाल।
नई अनाज मंडी में सख्ती के बाद भी यूपी से आने वाले गेहूं की अवैध ट्रेडिंग का खेल जारी है। यूपी के वाहनों की नंबर प्लेट बदलकर हरियाणा के किसानों के नाम से गेट पास तक कटवा दिए जाते हैं। यूपी के सस्ते गेहूं को यहां एमएमसी यानी 2585 रुपये प्रति क्विंटल पर बेच दिया जाता है। मार्केट कमेटी सचिव विकास सेतिया ने सोमवार को आढ़ती नवजोत और अनिल कुमार महावीर को मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया।
20 अप्रैल की रात को दो ट्रॉलियों में यूपी से लाए 84 क्विंटल गेहूं पकड़ा गया था। आढ़ती नवजोत और अनिल कुमार महावीर पर मिलीभगत का आरोप है। नोटिस में उनको जवाब न देने पर लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी दी गई।
चेतावनी के बाद एक आढ़ती नवजोत की ओर से बयान आया कि फसल लेकर आने वाले किसान को जानते हैं। किसान बांसा गांव का रहने वाला है और उसका नाम पोर्टल पर भी है। जबकि दूसरे आढ़ती का शाम तक जवाब नहीं मिल सका। मार्केट कमेटी ने दोनों किसानों को भी नोटिस जारी कर मंगलवार को कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया है। दोनों किसानों से पूछताछ की जाएगी कि वह गेहूं उत्तर प्रदेश से कैसे लाए। इसके बाद आगामी कार्रवाई का फैसला लिया जाएगा।
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सचिव का कहना है कि सख्ती के बाद भी अगर किसी की वजह से कोई शरारत हुई तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। दोनों ट्रॉली उत्तर प्रदेश से आई हैं और इसका गेटपास हरियाणा के पोर्टल से जारी कराया गया। इससे कार्यालय के आदेशों का उल्लंघन हुआ है और गेहूं की सरकारी खरीद प्रभावित हुई है। इसे लेकर दोनों ट्रॉलियों में गेहूं मंगवाने वाले आढ़तियों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। अब किसानों से भी पूछताछ होगी।
विदित हो कि पिछले साल करनाल अनाज मंडी में 13.74 लाख क्विंटल आवक हुई थी जो इस बार अब तक 10.30 लाख क्विंटल तक पहुंच चुकी है। आरोप है कि यमुना पार से बॉर्डर के रास्ते 2000 से 2200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं लाया जा रहा है।
डीसी ने जांच के लिए तहसीलदार को भेजा
डीसी ने भी मामले की जांच के लिए तहसीलदार कृष्ण कुमार को मार्केट कमेटी कार्यालय भेजा। दोनों अधिकारियों ने सभी गेट पास, गेहूं के वजन, किसानों के नाम-पते, वाहनों का नंबर से लेकर आढ़ती तक से पूछताछ की। मार्केट कमेटी सचिव विकास सेतिया ने बताया कि 20 अप्रैल रात 11:00 बजे के आसपास दो गेट पास काटे गए। एक में 60 क्विंटल गेहूं जबकि दूसरे में 24 क्विंटल गेहूं था।
मंडी में फिर गेहूं लेकर पहुंची यूपी नंबर की गाड़ी
सोमवार को भी उत्तर प्रदेश नंबर की एक गाड़ी अनाज मंडी में गेहूं लेकर पहुंची। मार्केट कमेटी सचिव ने भौतिक सत्यापन के आदेश दिए। मौके पर किसान के साथ गेहूं और पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की जांच की गई। इसके बाद गेहूं को जाने दिया गया।
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नई अनाज मंडी में सख्ती के बाद भी यूपी से आने वाले गेहूं की अवैध ट्रेडिंग का खेल जारी है। यूपी के वाहनों की नंबर प्लेट बदलकर हरियाणा के किसानों के नाम से गेट पास तक कटवा दिए जाते हैं। यूपी के सस्ते गेहूं को यहां एमएमसी यानी 2585 रुपये प्रति क्विंटल पर बेच दिया जाता है। मार्केट कमेटी सचिव विकास सेतिया ने सोमवार को आढ़ती नवजोत और अनिल कुमार महावीर को मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया।
20 अप्रैल की रात को दो ट्रॉलियों में यूपी से लाए 84 क्विंटल गेहूं पकड़ा गया था। आढ़ती नवजोत और अनिल कुमार महावीर पर मिलीभगत का आरोप है। नोटिस में उनको जवाब न देने पर लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी दी गई।
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चेतावनी के बाद एक आढ़ती नवजोत की ओर से बयान आया कि फसल लेकर आने वाले किसान को जानते हैं। किसान बांसा गांव का रहने वाला है और उसका नाम पोर्टल पर भी है। जबकि दूसरे आढ़ती का शाम तक जवाब नहीं मिल सका। मार्केट कमेटी ने दोनों किसानों को भी नोटिस जारी कर मंगलवार को कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया है। दोनों किसानों से पूछताछ की जाएगी कि वह गेहूं उत्तर प्रदेश से कैसे लाए। इसके बाद आगामी कार्रवाई का फैसला लिया जाएगा।
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सचिव का कहना है कि सख्ती के बाद भी अगर किसी की वजह से कोई शरारत हुई तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। दोनों ट्रॉली उत्तर प्रदेश से आई हैं और इसका गेटपास हरियाणा के पोर्टल से जारी कराया गया। इससे कार्यालय के आदेशों का उल्लंघन हुआ है और गेहूं की सरकारी खरीद प्रभावित हुई है। इसे लेकर दोनों ट्रॉलियों में गेहूं मंगवाने वाले आढ़तियों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। अब किसानों से भी पूछताछ होगी।
विदित हो कि पिछले साल करनाल अनाज मंडी में 13.74 लाख क्विंटल आवक हुई थी जो इस बार अब तक 10.30 लाख क्विंटल तक पहुंच चुकी है। आरोप है कि यमुना पार से बॉर्डर के रास्ते 2000 से 2200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं लाया जा रहा है।
डीसी ने जांच के लिए तहसीलदार को भेजा
डीसी ने भी मामले की जांच के लिए तहसीलदार कृष्ण कुमार को मार्केट कमेटी कार्यालय भेजा। दोनों अधिकारियों ने सभी गेट पास, गेहूं के वजन, किसानों के नाम-पते, वाहनों का नंबर से लेकर आढ़ती तक से पूछताछ की। मार्केट कमेटी सचिव विकास सेतिया ने बताया कि 20 अप्रैल रात 11:00 बजे के आसपास दो गेट पास काटे गए। एक में 60 क्विंटल गेहूं जबकि दूसरे में 24 क्विंटल गेहूं था।
मंडी में फिर गेहूं लेकर पहुंची यूपी नंबर की गाड़ी
सोमवार को भी उत्तर प्रदेश नंबर की एक गाड़ी अनाज मंडी में गेहूं लेकर पहुंची। मार्केट कमेटी सचिव ने भौतिक सत्यापन के आदेश दिए। मौके पर किसान के साथ गेहूं और पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की जांच की गई। इसके बाद गेहूं को जाने दिया गया।

मार्केट कमेटी कार्यालय में दिखा यूपी से गेहूं लेकर आने वाला ट्रैक्टर ट्राली संवाद

मार्केट कमेटी कार्यालय में दिखा यूपी से गेहूं लेकर आने वाला ट्रैक्टर ट्राली संवाद