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Kurukshetra News: शरीर में झनझनाहट के रोजाना 60 मरीज पहुंच रहे अस्पताल
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 28 Apr 2026 03:01 AM IST
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मरीज को एक्सरसाइज समझाती डॉ. नेहा बंसल। संवाद
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पानीपत। लोगों की कार्यशैली को लगातार काम करने से हाथ-पैर, कमर या पूरे शरीर में झनझनाहट के मामले बढ़ गए हैं। जिला नागरिक अस्पताल में फिजियोथेरेपिस्ट के पास ऐसे करीब 60 मरीज आ रहे हैं। यह सब रक्त संचार सुचारू न होने से होता है। चिकित्सक इसका बड़ा कारण शुगर, विटामिन-बी 12 की कमी, ज्यादा देर काम करते समय एक ही स्थिति में बैठे रहना या लंबे समय के कमर दर्द को मान रहे हैं।
लोग आज अपने कार्यालय या अन्य जगह पर लगातार काम करते हैं। कई बार तो एक ही स्थिति में बैठक काम करते हैं। युवाओं के साथ महिलाओं को भी इस तरह काम करना पड़ता है। इससे हाथ-पैर, कमर में हर समय झनझनाहट रहती है। जिला नागरिक अस्पताल में फिजियोथेरेपी की एक दिन की ओपीडी करीब 80 है। इनमें 60 यानि 80 प्रतिशत मरीज इसी समस्या के हैं।
फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. नेहा बंसल ने बताया कि लोग काम के बीच में ब्रेक नहीं लेते। वे लगातार कई घंटे एक ही स्थिति में रहकर काम कर रहे हैं। इससे उनका पोस्चर बिगड़ रहा है। झनझनाहट के मुख्य कारण शरीर में विटामिन-बी 12 की कमी होना, शुगर होना, रक्त संचार सुचारू न होना या एक ही स्थिति में ज्यादा समय तक रहना है। ऐसे में लोगों को काम करते समय पांच मिनट का ब्रेक जरूर लेना चाहिए।
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अस्पताल में फिजियोथेरेपी विभाग में प्रत्येक मशीन व अनुभवी चिकित्सक हैं। मरीजों की संख्या पहले से बढ़ी है। उनका इलाज किया जा रहा है। लोगों का फिजियोथेरेपी की तरफ रुझान बढ़ रहा है। -डॉ. विजय मलिक, सीएमओ।
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लोग आज अपने कार्यालय या अन्य जगह पर लगातार काम करते हैं। कई बार तो एक ही स्थिति में बैठक काम करते हैं। युवाओं के साथ महिलाओं को भी इस तरह काम करना पड़ता है। इससे हाथ-पैर, कमर में हर समय झनझनाहट रहती है। जिला नागरिक अस्पताल में फिजियोथेरेपी की एक दिन की ओपीडी करीब 80 है। इनमें 60 यानि 80 प्रतिशत मरीज इसी समस्या के हैं।
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फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. नेहा बंसल ने बताया कि लोग काम के बीच में ब्रेक नहीं लेते। वे लगातार कई घंटे एक ही स्थिति में रहकर काम कर रहे हैं। इससे उनका पोस्चर बिगड़ रहा है। झनझनाहट के मुख्य कारण शरीर में विटामिन-बी 12 की कमी होना, शुगर होना, रक्त संचार सुचारू न होना या एक ही स्थिति में ज्यादा समय तक रहना है। ऐसे में लोगों को काम करते समय पांच मिनट का ब्रेक जरूर लेना चाहिए।
अस्पताल में फिजियोथेरेपी विभाग में प्रत्येक मशीन व अनुभवी चिकित्सक हैं। मरीजों की संख्या पहले से बढ़ी है। उनका इलाज किया जा रहा है। लोगों का फिजियोथेरेपी की तरफ रुझान बढ़ रहा है। -डॉ. विजय मलिक, सीएमओ।

मरीज को एक्सरसाइज समझाती डॉ. नेहा बंसल। संवाद

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