{"_id":"69f0859faaffe526b70aa7a7","slug":"video-youth-should-use-social-media-for-limited-and-essential-purposes-dr-kamna-kaushik-2026-04-28","type":"video","status":"publish","title_hn":"सोशल मीडिया का सीमित व जरूरी कार्यों के लिए प्रयोग करें युवा : डॉ. कामना कौशिक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सोशल मीडिया का सीमित व जरूरी कार्यों के लिए प्रयोग करें युवा : डॉ. कामना कौशिक
महाराजा नीमपाल सिंह राजकीय महाविद्यालय में मंगलवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से सोशल मीडिया के अवगुण विषय पर अपराजिता कार्यक्रम करवाया गया। कार्यक्रम में 40 महिला प्राध्यापिका व छात्राओं ने हिस्सा लिया। इस मौके पर वैश्य महाविद्यालय से बतौर मुख्य अतिथि हिंदी विभाग की सहायक प्राध्यापिका डॉ. कामना कौशिक ने शिरकत की।
प्राध्यापिका डॉ. कामना कौशिक ने कहा कि आजकल युवा पीढ़ी सोशल मीडिया का सबसे अधिक उपयोग करती है। इससे उनमें अवसाद के लक्षणों की संभावना अधिक होती है। सोशल मीडिया पर अधिक समय बिताने से युवाओं में भावनात्मक कमी आती है। साथ ही, आत्म-सम्मान भी कम होने लगता है। वहीं, सोशल मीडिया का ज्यादा प्रयोग करने से रिश्तों में भी अनबन होने लगी है।
कार्यक्रम में महाराजा नीमपाल सिंह राजकीय महाविद्यालय की प्राध्यापिका डॉ. सुनीता, डॉ. योगमाया, डॉ. रेखा, डॉ. खुशबू, डॉ. ममता, सुषमा, कुसुम, सलमा, निधि, ममता सहित अनेक छात्राओं ने अपने विचार रखें। महिला प्राध्यापिकाओं ने कहा कि युवाओं को सोशल मीडिया का कम प्रयोग करना चाहिए। सोशल मीडिया का ज्यादा प्रयोग उनके शारीरिक, मानसिक व भौतिक विकास पर बूरा प्रभाव डालता है। सोशल मीडिया पर जो उनके लिए उपयोगी सामग्री हो, केवल उसी का प्रयोग करें।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी वर्ग उनकी पढ़ाई में काम आने वाली जरूरी चीजों के लिए ही सोशल मीडिया का उपयोग करें। इसके उपयोग के लिए विद्यार्थी एक लिमिट तय करें। उसी के अनुरूप ही इसे कार्य में लाएं। सोशल मीडिया का गलत उपयोग न करें।
लाभदायक उपयोग के लिए सोशल मीडिया का प्रयोग विद्यार्थियों की काफी मदद करेगा। सोशल मीडिया के उपयोग के लिए लड़कियों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कारण उनको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इससे उनकी गोपनीयता में कमी आती है। काफी बार निजी डेटा चोरी होने का खतरा रहता है।
उन्होंने बताया कि हर रोज साइबर अपराधों जैसे- हैकिंग और फिशिंग का खतरा भी बढ़ रहा है। आजकल सोशल मीडिया के माध्यम से धोखाधड़ी का चलन भी काफी बढ़ गया है, ये लोग ऐसे सोशल मीडिया का उपयोग करने वालों की तलाश करते हैं। इसके बाद उन्हें आसानी से फंसाते हैं। युवाओं को अपने व्यक्तित्व को बेहतर बनाना और उसमें निखार लाना चाहिए। युवावस्था में हमें स्वामी विवेकानंद का अनुसरण करना चाहिए। व्यक्तित्व विकास एक एक सतत प्रक्रिया है। इसमें व्यक्तित्व विकास से व्यक्ति अपने गुणों, क्षमताओं और व्यवहार को बेहतर बनाता है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।