कुरुक्षेत्र। केंद्रीय बजट 2026-27 से पहले जिले के कारोबारी समुदाय में उत्साह और उम्मीद है। एमएसएमई सेक्टर, मैन्युफैक्चरिंग और डिजाइन क्षेत्र के कई उद्यमी और विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की अगली आर्थिक छलांग तभी संभव है, जब डिजाइन, विनिर्माण, जीएसटी सरलीकरण और एमएसएमई सशक्तीकरण को एक साथ प्राथमिकता दी जाए।
विशेषज्ञों का कहना है कि डिजाइन, नवाचार-उन्मुख, जीएसटी में संतुलन और एमएसएमई-केंद्रित नीतियां ही मध्यम वर्ग के लिए टैक्स कम करना, औद्योगिक वृद्धि और राष्ट्रीय स्थिरता सुनिश्चित को बजट में शामिल किया जाए तो भारत आत्मनिर्भरता के साथ वैश्विक स्तर पर मजबूत कदम बढ़ा सकता है।
कारोबारियों ने जीएसटी को और तर्कसंगत बनाने की मांग करते हुए कहा कि आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी पांच प्रतिशत से नीचे होनी चाहिए, दैनिक उपयोग के सामान और सेवाओं पर 18 प्रतिशत की जगह 10-12 प्रतिशत व लक्जरी सामान पर 40-50 प्रतिशत तक जीएसटी व ईंधन टैक्स में कटौती की मांग की है ताकि परिवहन लागत और महंगाई नियंत्रित रहें।

कुरुक्षेत्र। डॉ. गुलजार सिंह। स्वयं- फोटो : पुलिस लाइन ग्राउंड में हवाई हमले के दौरान लगी आग ।

कुरुक्षेत्र। डॉ. गुलजार सिंह। स्वयं- फोटो : पुलिस लाइन ग्राउंड में हवाई हमले के दौरान लगी आग ।

कुरुक्षेत्र। डॉ. गुलजार सिंह। स्वयं- फोटो : पुलिस लाइन ग्राउंड में हवाई हमले के दौरान लगी आग ।