पिहोवा। वसंत पंचमी के अवसर पर पिहोवा में सरस्वती महोत्सव के समापन पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री नायब सैनी ने ‘द सरस्वती रिवर गाथा’ पुस्तक का विमोचन किया। यह पुस्तक कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय स्थित दर्शन लाल जैन सेंटर ऑफ एक्सिलेंस फॉर रिसर्च ऑन सरस्वती रीवर की ओर से प्रकाशित की गई है।
मुख्यमंत्री ने पद्मश्री स्वर्गीय दर्शन लाल जैन को धरातल पर पवित्र सरस्वती नदी को पुनः प्रवाहित करने वाला आधुनिक भगीरथ बताया। उन्होंने कहा कि दर्शन लाल जैन के अथक प्रयासों के कारण ही 1990 के दशक की शुरुआत में गैर-सरकारी संगठन सरस्वती नदी शोध संस्थान, जगाधरी के माध्यम से सरस्वती नदी के उत्थान का संगठित कार्य प्रारंभ हुआ। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी हरियाणा सरस्वती हेरिटेज डेवलपमेंट बोर्ड के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक सरस्वती नदी पर बीते लगभग 20 वर्षों में हुए वैज्ञानिक, ऐतिहासिक और भू-वैज्ञानिक शोध का एक विस्तृत ग्रंथ है। यह विद्वानों, शोधार्थियों, नीति-निर्माताओं, पर्यावरणविदों और भारत की प्राचीन सभ्यता में रुचि रखने वाले सभी लोगों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।
केंद्र के निदेशक व भूविज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. एआर चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री के ओएसडी भारत भूषण भारती सरस्वती नदी शोध संस्थान के संस्थापक सदस्यों में से हैं।

पिहोवा। ‘द सरस्वती रिवर गाथा’’ का विमोचन करने के दौरान प्रति दिखाते मुख्यमंत्री नायब सैनी व अन- फोटो : सुभाष चंद्र बोस को नमन करते किसान नेता।