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Kurukshetra News: कैबिनेट ने पुनर्गठित खेलो इंडिया योजना और राष्ट्रीय खेल महासंघों को सहायता में वृद्धि को दी मंजूरी
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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने खेलो इंडिया योजना और खेल महासंघों को सहायता वृद्धि को मंजूरी दी
कुरुक्षेत्र। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2026-27 से 2030-31 तक के लिए विस्तारित खेलो इंडिया योजना को मंजूरी दी है। इसके साथ ही राष्ट्रीय खेल महासंघों को सहायता में वृद्धि को भी स्वीकृति मिली है। इस पर 36,441 करोड़ रुपये का संयुक्त परिव्यय होगा।
खेल प्राधिकरण सोनीपत की क्षेत्रीय निदेशिका रितु पथिक ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह स्वतंत्रता के बाद का सबसे महत्वाकांक्षी खेल विकास कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य युवा विकास और राष्ट्र निर्माण के लिए खेलों की शक्ति का उपयोग करना है। स्वीकृत परिव्यय पिछली योजना का लगभग आठ गुना है। यह भारत को वैश्विक खेल महाशक्ति बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाता है। योजना का लक्ष्य हर प्रतिभाशाली युवा के लिए ओलंपिक पोडियम तक सहज मार्ग बनाना है। यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी खेल प्रतिभा छिपी न रह जाए।
योजना की प्रमुख विशेषताएं
यह योजना खेल को शिक्षा, फिटनेस और उच्च-प्रदर्शन प्रशिक्षण से जोड़ती है। यह 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों और ओलंपिक की मेजबानी की भारत की महत्वाकांक्षाओं को भी मजबूत करती है। इसमें राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र और खेलो इंडिया केंद्र जैसे संस्थान शामिल हैं। ये संस्थान विश्व स्तरीय कोचिंग और आधुनिक बुनियादी ढांचा प्रदान करेंगे। इमर्जिंग खेलो इंडिया एथलीट श्रेणी से हजारों युवा एथलीटों को मार्गदर्शन मिलेगा।
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कुरुक्षेत्र। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2026-27 से 2030-31 तक के लिए विस्तारित खेलो इंडिया योजना को मंजूरी दी है। इसके साथ ही राष्ट्रीय खेल महासंघों को सहायता में वृद्धि को भी स्वीकृति मिली है। इस पर 36,441 करोड़ रुपये का संयुक्त परिव्यय होगा।
खेल प्राधिकरण सोनीपत की क्षेत्रीय निदेशिका रितु पथिक ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह स्वतंत्रता के बाद का सबसे महत्वाकांक्षी खेल विकास कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य युवा विकास और राष्ट्र निर्माण के लिए खेलों की शक्ति का उपयोग करना है। स्वीकृत परिव्यय पिछली योजना का लगभग आठ गुना है। यह भारत को वैश्विक खेल महाशक्ति बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाता है। योजना का लक्ष्य हर प्रतिभाशाली युवा के लिए ओलंपिक पोडियम तक सहज मार्ग बनाना है। यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी खेल प्रतिभा छिपी न रह जाए।
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योजना की प्रमुख विशेषताएं
यह योजना खेल को शिक्षा, फिटनेस और उच्च-प्रदर्शन प्रशिक्षण से जोड़ती है। यह 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों और ओलंपिक की मेजबानी की भारत की महत्वाकांक्षाओं को भी मजबूत करती है। इसमें राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र और खेलो इंडिया केंद्र जैसे संस्थान शामिल हैं। ये संस्थान विश्व स्तरीय कोचिंग और आधुनिक बुनियादी ढांचा प्रदान करेंगे। इमर्जिंग खेलो इंडिया एथलीट श्रेणी से हजारों युवा एथलीटों को मार्गदर्शन मिलेगा।
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