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Kurukshetra News: हीरामल जमाल, जानी चोर, बणदेवी, गोपीचंद और चंद्रप्रभा मदनपाल सांग का मंचन
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कुरुक्षेत्र। भरतमुनि रंगशाला में सांग महोत्सव के दौरान प्रस्तुति देते लोक कलाकार। संवाद
- फोटो : Samvad
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कुरुक्षेत्र। प्रसिद्ध सांगी धनपत सिंह की स्मृति में चल रहे प्रदेश स्तरीय सांग महोत्सव का विभिन्न गांवों से आए युवाओं और बुजुर्गाें ने खूब आनंद लिया। देहाती कलाकारों के ठेठ संवादों को सुनकर ग्रामीण दर्शकों ने खूब ठहाके लगाए। कुछ ऐसे संवाद भी रहे जिन पर दर्शकों के चेहरों पर भावुकता की लकीरें देखने को मिली। पांच दिवसीय सांग महोत्सव के दूसरे दिन हरियाणा कला परिषद की भरतमुनि रंगशाला में पांच सांग दलों ने मंचन किए। कुलदीप सांगी ने हीरामल जमाल, संजय सांगी ने जानी चोर, सुभाष ने बणदेवी, सतपाल सांगी ने गोपीचंद और नितिन कुमार ने चंद्रप्रभा मदनपाल की प्रस्तुति दी।
कला कीर्ति भवन में कुलदीप सांगी ने हीरामल जमाल के किस्से का मंचन करते हुए दिखाया कि एक गांव में बनिया का बेटा हीरामल रहता है, जो बेहद विद्वान है। उसी गांव में कमरुदीन नामक मुसलमान रहता है, जो हीरामल का परम मित्र है। एक दिन हीरामल मुसलमानों की बस्ती से जा रहा होता है, वहां हीरामल एक मुस्लिम लड़की जमाल को कुरान पढ़ते हुए देखता है। हीरामल जमाल को कहता है कि वह कुरान गलत पढ़ रही है। हीरामल जमाल से कुरान का सही पाठन करने को कहता है। कुरान के पाठन के दौरान दोनों में गहरी मित्रता हो जाती है। हीरामल प्रतिदिन जमाल को कुरान पढ़ाने आता है।
हीरामल के पिता को जब इस बारे में पता चलता है तो वह हीरामल पर क्रोध करते हैं और उसे मुसलमानों की बस्ती में जाने से मना कर देते हैं लेकिन हीरामल अपने पिता की बात को अनदेखा कर जमाल से मिलना जारी रखता है।
एक दिन मुसलमानों की बस्ती में चोर घुस जाते हैं जिसका पीछा करते हुए पुलिस वहां पहुंच जाती है। मुसलमान बस्ती में एक हिंदू को देखकर पुलिस हीरामल को कैद कर लेती है। हीरामल जब अपने विषय में पुलिस को बताता है तो पुलिस हीरामल के परिवारवालों को हीरामल की जमानत के लिए बुलाती है लेकिन हीरामल के परिजन हीरामल को पहचानने से इन्कार कर देते हैं। तब हीरामल का मुसलमान मित्र कमरुदीन हीरामल की जमानत देकर उसे छुड़ा लेता है। इस प्रकार हिंदू-मुस्लिम रिश्तों की मिसाल देते सांग हीरामल जमाल का लोगों ने भरपूर आनंद उठाया। इस अवसर पर पद्मश्री महाबीर गुड्डू, लोक कलाकार प्रेम सिंह देहाती, प्रो. रामनिवास सहरावत, डाॅ. हनीफ खान और मंच संचालक रामनिवास शर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।
सांग देखने पहुंचे मुख्यमंत्री कार्यालय प्रभारी
हरियाणा कला परिषद की भरतमुनि रंगशाला के सभागार में दूसरे दिन कई शानदार प्रस्तुतियां हुईं। इस दौरान कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष रूप से मुख्यमंत्री कार्यालय प्रभारी कैलाश सैनी पहुंचे। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने के लिए अनोखा मंच करीब 25 ग्रुप के कलाकारों सहित प्रस्तुति दे रहा है। कलाकार ही सांग विधा को संरक्षित करते हैं। कैलाश सैनी ने कलाकारों को 11 हजार की राशि देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सांग जैसे आयोजन समाज में भाईचारा बनाए रखने की भावना का संदेश भी देते हैं।
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कला कीर्ति भवन में कुलदीप सांगी ने हीरामल जमाल के किस्से का मंचन करते हुए दिखाया कि एक गांव में बनिया का बेटा हीरामल रहता है, जो बेहद विद्वान है। उसी गांव में कमरुदीन नामक मुसलमान रहता है, जो हीरामल का परम मित्र है। एक दिन हीरामल मुसलमानों की बस्ती से जा रहा होता है, वहां हीरामल एक मुस्लिम लड़की जमाल को कुरान पढ़ते हुए देखता है। हीरामल जमाल को कहता है कि वह कुरान गलत पढ़ रही है। हीरामल जमाल से कुरान का सही पाठन करने को कहता है। कुरान के पाठन के दौरान दोनों में गहरी मित्रता हो जाती है। हीरामल प्रतिदिन जमाल को कुरान पढ़ाने आता है।
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हीरामल के पिता को जब इस बारे में पता चलता है तो वह हीरामल पर क्रोध करते हैं और उसे मुसलमानों की बस्ती में जाने से मना कर देते हैं लेकिन हीरामल अपने पिता की बात को अनदेखा कर जमाल से मिलना जारी रखता है।
एक दिन मुसलमानों की बस्ती में चोर घुस जाते हैं जिसका पीछा करते हुए पुलिस वहां पहुंच जाती है। मुसलमान बस्ती में एक हिंदू को देखकर पुलिस हीरामल को कैद कर लेती है। हीरामल जब अपने विषय में पुलिस को बताता है तो पुलिस हीरामल के परिवारवालों को हीरामल की जमानत के लिए बुलाती है लेकिन हीरामल के परिजन हीरामल को पहचानने से इन्कार कर देते हैं। तब हीरामल का मुसलमान मित्र कमरुदीन हीरामल की जमानत देकर उसे छुड़ा लेता है। इस प्रकार हिंदू-मुस्लिम रिश्तों की मिसाल देते सांग हीरामल जमाल का लोगों ने भरपूर आनंद उठाया। इस अवसर पर पद्मश्री महाबीर गुड्डू, लोक कलाकार प्रेम सिंह देहाती, प्रो. रामनिवास सहरावत, डाॅ. हनीफ खान और मंच संचालक रामनिवास शर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।
सांग देखने पहुंचे मुख्यमंत्री कार्यालय प्रभारी
हरियाणा कला परिषद की भरतमुनि रंगशाला के सभागार में दूसरे दिन कई शानदार प्रस्तुतियां हुईं। इस दौरान कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष रूप से मुख्यमंत्री कार्यालय प्रभारी कैलाश सैनी पहुंचे। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने के लिए अनोखा मंच करीब 25 ग्रुप के कलाकारों सहित प्रस्तुति दे रहा है। कलाकार ही सांग विधा को संरक्षित करते हैं। कैलाश सैनी ने कलाकारों को 11 हजार की राशि देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सांग जैसे आयोजन समाज में भाईचारा बनाए रखने की भावना का संदेश भी देते हैं।

कुरुक्षेत्र। भरतमुनि रंगशाला में सांग महोत्सव के दौरान प्रस्तुति देते लोक कलाकार। संवाद- फोटो : Samvad