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Kurukshetra News: आयुष्मान पर एमआरआई जांच शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Mon, 06 Apr 2026 02:30 AM IST
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कुरुक्षेत्र। अमर उजाला में तीन अप्रैल को छपी खबर । आर्काइव
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरक्षेत्र। लोक नायक जय प्रकाश जिला नागरिक अस्पताल में आयुष्मान कार्ड पर सीटी स्कैन और एमआरआई की सुविधा फिर से शुरू हो गई है। यह सुविधा बंद होने से मरीजों को समस्या का सामना करना पड़ रहा था। मरीजों को निजी केंद्रों के चक्कर काटने पड़ते थे।
इसके कारण मरीजों पर उपचार लेने में देरी के साथ उन पर आर्थिक बोझ पड़ रहा था। अमर उजाला ने इस समस्या को 3 मार्च के अंक में प्रकाशित किया था जिसमें बताया गया था कि करीब 90 लाख रुपये का भुगतान न होने के कारण आयुष्मान कार्ड धारकों की जांच बंद कर दी गई थी।
इससे मरीजों को या तो निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा था या बीपीएल श्रेणी के तहत इलाज करवाना पड़ रहा था।
डॉ. रमेश सबरवाल ने बताया कि बजट के लिए अधिकारियों से बातचीत की गई है। विभाग की ओर से आश्वासन दिया गया है कि करीब 90 लाख रुपये से अधिक का लंबित भुगतान जल्द जारी किया जाएगा। आश्वासन मिलने के बाद जांच केंद्र के मैनेजर विकास ने सेवाएं दोबारा सुचारू रूप से शुरू कर दी हैं। उन्होंने बताया कि ये जांच अस्पताल में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड पर जिसमें साल 2025 से लेकर अब तक का फंड रुका हुआ था।
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कुरक्षेत्र। लोक नायक जय प्रकाश जिला नागरिक अस्पताल में आयुष्मान कार्ड पर सीटी स्कैन और एमआरआई की सुविधा फिर से शुरू हो गई है। यह सुविधा बंद होने से मरीजों को समस्या का सामना करना पड़ रहा था। मरीजों को निजी केंद्रों के चक्कर काटने पड़ते थे।
इसके कारण मरीजों पर उपचार लेने में देरी के साथ उन पर आर्थिक बोझ पड़ रहा था। अमर उजाला ने इस समस्या को 3 मार्च के अंक में प्रकाशित किया था जिसमें बताया गया था कि करीब 90 लाख रुपये का भुगतान न होने के कारण आयुष्मान कार्ड धारकों की जांच बंद कर दी गई थी।
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इससे मरीजों को या तो निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा था या बीपीएल श्रेणी के तहत इलाज करवाना पड़ रहा था।
डॉ. रमेश सबरवाल ने बताया कि बजट के लिए अधिकारियों से बातचीत की गई है। विभाग की ओर से आश्वासन दिया गया है कि करीब 90 लाख रुपये से अधिक का लंबित भुगतान जल्द जारी किया जाएगा। आश्वासन मिलने के बाद जांच केंद्र के मैनेजर विकास ने सेवाएं दोबारा सुचारू रूप से शुरू कर दी हैं। उन्होंने बताया कि ये जांच अस्पताल में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड पर जिसमें साल 2025 से लेकर अब तक का फंड रुका हुआ था।