कुरुक्षेत्र। अहलूवालिया सभा की ओर से रविवार को अहलूवालिया चौक पर महान सिख योद्धा और कपूरथला रियासत के संस्थापक जस्सा सिंह अहलूवालिया की जयंती श्रद्धा से मनाई गई। इस अवसर पर सभा के सदस्यों ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनके जीवन की शिक्षाओं से प्रेरणा लेने का संकल्प लिया। अहलूवालिया सभा के संरक्षक जिंदर मोहन वालिया ने बताया कि जस्सा सिंह का जन्म 3 मई 1718 को लाहौर के पास अहलू गांव में हुआ था। पिता बदर सिंह के निधन के बाद उनका पालन-पोषण गुरु गोविंद सिंह जी की पत्नी माता सुंदरी जी की देखरेख में दिल्ली में हुआ। वहां उन्होंने शस्त्र विद्या के साथ-साथ अरबी, फारसी और धर्मग्रंथों का ज्ञान प्राप्त किया। 1748 में बैसाखी के दिन उन्हें दल खालसा का सर्वोच्च सैन्य कमांडर नियुक्त किया गया। सभा के प्रधान नरेंद्र वालिया ने कहा कि जस्सा सिंह की वीरता के कारण ही सिख समुदाय ने उन्हें सुल्तान-उल-कौम की उपाधि दी। उप प्रधान अशोक रोशा ने कहा कि श्री हरिमंदिर साहिब के पुनर्निर्माण में जस्सा सिंह जी का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। इस अवसर पर सुभाष वालिया, संजय वालिया, सुरेंद्र वालिया, राजकुमार वालिया, आईपीएस वीरेंद्र वालिया, गौरांग रोशा, धनंजय रोशा, चिंटू वालिया, अनिरुद्ध वालिया सहित समाज के अन्य मौजूद रहे।