कुरुक्षेत्र। श्रीमद्भगवद्गीता अद्वितीयम अद्युतम मासिक परिचर्चा शृंखला का शुभारंभ शुक्ल एकादशी के दिवस पर केडीबी एवं विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान के संयुक्त सहयोग से संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मंच पर डॉ. ममता सचदेवा, उपेंद्र सिंघल, उत्तरक्षेत्र विद्या भारती के सह संगठन मंत्री बाल किशन और मुख्य वक्ता ऋषि गोयल रहे।
ममता सचदेवा ने श्रीमद्भगवद्गीता को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र मेंं उपयोगी बताया। गीता से प्राप्त ज्ञान को समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जोड़ते हुए यह बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में वर्णित सीखने की दृष्टि, आचरण से सीखने का महत्व और प्रबंधन जैसे विषयों को स्पर्श करते हुए, चलने वाली मासिक परिचर्चा की आधारशिला रखी।
बाल किशन ने वर्तमान में राष्ट्रव्यापी चल रहे पंच परिवर्तन के विषय पर बात रखते हुए स्वदेशी, कुटुंब प्रबोधन व सामाजिक समरसता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला। परिचर्चा में मुख्य रूप से सौरभ चौधरी, अलकेश मोदगील, संदीप छाबडी, डॉ. कुलदीप आर्य, देवराज जैन, डाॅ. चितरंजन कौशल, जयभगवान सिंगला, नारायण सिंह, डाॅ. सतहंस, डाॅ. रीता, सुधीर कुमार रहे।