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Kurukshetra News: विद्यार्थियों को अब पढ़ाई के साथ शोध और नवाचार का मिलेगा अवसर
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कुरुक्षेत्र। जिले के सरकारी और निजी स्कूलों के कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को अब पढ़ाई के साथ शोध और नवाचार का अवसर मिलेगा। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की प्रयास योजना के तहत उन्हें एक वर्ष तक शोध कार्य करने का मौका दिया जाएगा। चयनित शोध कार्य के लिए 50 हजार रुपये तक की सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
इस योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक सोच, जिज्ञासा और रचनात्मकता को बढ़ावा देना है। विद्यार्थी अपने आसपास की समस्याओं और विभिन्न विषयों पर वैज्ञानिक पद्धति से शोध कर सकेंगे। भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित और जीव विज्ञान पढ़ाने वाले शिक्षक उनके मार्गदर्शक बन सकेंगे। इससे विद्यार्थियों को शोध कार्य के दौरान विषय विशेषज्ञता और तकनीकी मार्गदर्शन मिलेगा। जिला विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. तरसेम कौशिक ने बताया कि हर स्कूल से एक ही आवेदन भेजा जा सकेगा। विद्यालयों को विद्यार्थियों के शोध प्रस्ताव का चयन सावधानी से करना होगा।
योजना का लाभ
चयनित शोध कार्य के लिए 50 हजार रुपये तक का अनुदान मिलेगा। यह अनुदान विद्यार्थियों को प्रयोग, सामग्री और अन्य जरूरी संसाधन जुटाने में मदद करेगा। योजना का उद्देश्य प्रदेश के विद्यार्थियों की वैज्ञानिक प्रतिभा को सामने लाना है। उन्हें शोध, प्रयोग और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ाना भी इसका लक्ष्य है।
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इस योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक सोच, जिज्ञासा और रचनात्मकता को बढ़ावा देना है। विद्यार्थी अपने आसपास की समस्याओं और विभिन्न विषयों पर वैज्ञानिक पद्धति से शोध कर सकेंगे। भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित और जीव विज्ञान पढ़ाने वाले शिक्षक उनके मार्गदर्शक बन सकेंगे। इससे विद्यार्थियों को शोध कार्य के दौरान विषय विशेषज्ञता और तकनीकी मार्गदर्शन मिलेगा। जिला विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. तरसेम कौशिक ने बताया कि हर स्कूल से एक ही आवेदन भेजा जा सकेगा। विद्यालयों को विद्यार्थियों के शोध प्रस्ताव का चयन सावधानी से करना होगा।
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योजना का लाभ
चयनित शोध कार्य के लिए 50 हजार रुपये तक का अनुदान मिलेगा। यह अनुदान विद्यार्थियों को प्रयोग, सामग्री और अन्य जरूरी संसाधन जुटाने में मदद करेगा। योजना का उद्देश्य प्रदेश के विद्यार्थियों की वैज्ञानिक प्रतिभा को सामने लाना है। उन्हें शोध, प्रयोग और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ाना भी इसका लक्ष्य है।
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