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Kurukshetra News: फाइलों में ही फंसा धर्मनगरी की कॉलोनियों का विकास, टूट रही लोगों की उम्मीदें

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 26 Jan 2026 01:30 AM IST
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The development of Dharamnagari's colonies is stuck in files, shattering people's hopes.
कुरुक्षेत्र। सरस्वती कॉलोनी में निर्माण की इंतजार में कच्ची सड़क। संवाद
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कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी में अधिकतर लोग कॉलोनियों में ही बसें हैं। अनेक कॉलोनियां वैध हैं तो करीब 50 पर आज भी अवैध का ठप्पा लगा है। यह ठप्पा कब हटेगा, इसका जवाब जिम्मेदारों के पास भी नहीं हैं। करीब डेढ़ साल से इन कॉलोनियों का विकास भी वैध होने की फाइलों में ही फंसा हुआ है।
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कच्ची सड़कें इन कॉलोनियों की पहचान बन चुकी हैं। कहीं सीवरेज ही नहीं तो कहीं सीवरेज ब्लॉक है। बिजली की भी समुचित व्यवस्था अनेक कॉलोनियों में अभी तक नहीं हो पाई है। ऐसे में इन कॉलोनियों का जीवन नरकीय बन चुका है और लोगों की उम्मीदें भी टूटने लगी हैं। बारिश के दिनों में इन कॉलोनियों में हालात और भी बदतर हो जाते हैं। दो दिन पहले हुई बरसात ने भी इन कॉलोनियों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। कॉलोनियों के ये हालात तब हैं जब इनमें से अधिकतर में 80 फीसदी से भी ज्यादा निर्माण हो चुके हैं तो सरकार बुनियादी सुविधाएं डेरों व ढाणियों तक पहुंचाने के दावे कर रही है।
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15 कॉलोनियों पर आपत्ति
पिछले करीब दो साल में महज सात कॉलोनियां ही नियमित हो पाईं जबकि करीब दो माह पहले तक भी 15 कॉलोनियों को वैध किए जाने पर आपत्तियां रहीं। बताया जा रहा है कि आज तक भी ये आपत्तियां दूर नहीं हो पाई हैं, जबकि दावा तत्काल आपत्तियां दूर करने का था।
करीब दो साल के दौरान प्रशासन करीब 50 कॉलोनियाें व एक्सटेंशन की गई कॉलोनियों की सूची मुख्यालय भेज चुका है। इससे पहले इन कॉलोनियों का सर्वेक्षण भी कराया गया था ताकि सभी नियमों पर खरा उतर सके लेकिन आज भी अधिकतर कॉलोनियों की सूची मुख्यालय पर ही अटकी है।
इन कॉलोनियों के बहुरने लगे दिन
नगर प्रशासन ने गत वर्ष 13 अक्तूबर को हाउस की बैठक में पिपली रोड के आसपास के अलावा केडीबी रोड पर सब्जी मंडी से ब्रह्मा चौक तक के क्षेत्र व कंग कॉलोनी के साथ एक अन्य कॉलोनी को भी वैध किए जाने पर सहमति जताई थी। जहां तकनीकी तौर पर इसकी फाइल मुख्यालय भेजी गई तो वहीं अब इन कॉलोनियों में विकास कार्य भी होने लगे हैं। कंग कॉलोनी में ही अनेक वर्षों से कच्ची पड़ी सड़कें पेवर ब्लॉक से बनाई जाने लगी हैं।
पक्की गली से लेकर सीवरेज तक को तरसे

पंकज कॉलोनी के जिले सिंह, राधेश्याम, सरस्वती कॉलोनी के विजय अनेजा, सुरजीत टांक सहित आसपास के अन्य लोगों का कहना है कि 80 फीसदी से भी ज्यादा कॉलोनियों में निर्माण हो चुके हैं। इसके बावजूद आज भी यहां हालात बदतर हैं। न पक्की गलियां हैं और न ही पेयजल व सीवरेज की लाइनें पूरी तरह से बिछ पाई हैं। यहां तक कि स्ट्रीट लाइट तक नहीं हैं। ऐसे में शाम ढलते ही इन कॉलोनियों में अंधेरा छा जाता है।
नप ईओ बोले- किए जा रहे प्रयास
नगर परिषद कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार का कहना है कि जिन कॉलोनियों को वैध किए जाने का अप्रूवल मिल चुका है, उनमें विकास कार्य किए जा रहे हैं। संबंधित पार्षदों से प्रस्ताव भी मांगें गए हैं। जो कॉलोनियां अभी वैध नहीं हो पाई हैं, उनके लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है।

कुरुक्षेत्र। सरस्वती कॉलोनी में निर्माण की इंतजार में कच्ची सड़क। संवाद

कुरुक्षेत्र। सरस्वती कॉलोनी में निर्माण की इंतजार में कच्ची सड़क। संवाद

कुरुक्षेत्र। सरस्वती कॉलोनी में निर्माण की इंतजार में कच्ची सड़क। संवाद

कुरुक्षेत्र। सरस्वती कॉलोनी में निर्माण की इंतजार में कच्ची सड़क। संवाद

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