सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   The narration of Rukmini's marriage

Kurukshetra News: रुक्मिणी विवाह का सुनाया प्रसंग

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 18 Mar 2026 02:35 AM IST
विज्ञापन
The narration of Rukmini's marriage
कुरुक्षेत्र। कथा के दौरान मंच पर आशीर्वाद लेने पहुंचे श्रद्धालु। ​विज्ञ​प्ति
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। हरियाणा बैरागी सभा की ओर से सेक्टर-8 में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने प्रवचन सुने। कथावाचक अनिल शास्त्री ने बताया कि विदर्भ राज्य के राजा भीष्मक के एक पुत्र और एक पुत्री थी। पुत्र का नाम रुक्मी और पुत्री का नाम रुक्मिणी था।
Trending Videos

राजा भीष्मक अपनी पुत्री से बहुत प्रेम करते थे। उनके विवाह के लिए योग्य वर की तलाश में थे। इस विषय में राजा भीष्मक के सबसे करीबी मित्र व महाभारत कालीन मगध राज्य के नरेश जरासंध को भी पता था। जरासंध को उस वक्त का शक्तिशाली राजा माना जाता था। ऐसा कहा जाता था कि जरासंध का वध कोई नहीं कर सकता।
विज्ञापन
विज्ञापन

जरासंध देवी रुक्मिणी को अपनी पुत्री जैसा ही मानते थे। इसलिए वे खुद भी रुक्मिणी के लिए योग्य वर की तलाश में थे लेकिन रुक्मिणी के मन में शुरू से ही भगवान श्रीकृष्ण की छवि बसी हुई थी। बड़े-बड़े महारथी को परास्त करने वाले श्रीकृष्ण की कथा रुक्मिणी कई लोगों के मुंह से सुन चुकी थी। देवी रुक्मिणी ने श्रीकृष्ण के विषय में सुनकर ही यह तय कर लिया था कि वे उन्हीं से विवाह करेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed