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Kurukshetra News: करोड़ाें की धोखाधड़ी करने के आराेप में तीन गिरफ्तार
Sun, 19 Jul 2026 03:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Sun, 19 Jul 2026 03:33 AM IST
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कुरुक्षेत्र। किसानों से जुड़े कारोबार के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक फर्जी पेस्टीसाइड और फर्टिलाइजर कंपनी गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। साइबर थाना पुलिस ने इस मामले में तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह लोगों को वितरक बनाने का झांसा देकर ठगी करता था। पुलिस ने आरोपियों के पास से ठगी की रकम से खरीदी गई कार, बाइक, सोना और नकदी बरामद की है।
इस मामने में पहले पुलिस ने कैथल निवासी विक्रम सिंह और शिवम को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद करनाल निवासी सुखराज को भी पकड़ा लिया। सुखराज फर्जी कंपनी के लेबल, पैकेजिंग और प्रचार सामग्री तैयार करता था। आरोपियों ने एक फर्जी फर्म बनाई थी। वे अलग-अलग राज्यों के लोगों से संपर्क करते थे। उन्हें कंपनी का वितरक बनाने का प्रस्ताव देते थे। बड़े कारोबार और आकर्षक मुनाफे का झांसा देकर निवेश के नाम पर मोटी रकम लेते थे। विश्वास जीतने के लिए फर्जी दस्तावेज और नकली सामग्री का इस्तेमाल करते थे। पैसे लेने के बाद वे पीड़ितों से संपर्क तोड़ देते थे। साइबर थाना पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
ठगी के नेटवर्क का खुलासा : जांच अधिकारी उपनिरीक्षक हरीश कुमार ने बताया कि एक म्यूल बैंक खाते से इस गिरोह का राज खुला। इस खाते में संदिग्ध लेनदेन हो रहा था।
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खाते के खिलाफ पहले से तीन शिकायतें दर्ज थीं। पुलिस ने बैंक खातों, लेनदेन और तकनीकी साक्ष्यों की जांच की। इसी आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई गई। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरोह ने कितने राज्यों में लोगों को निशाना बनाया। संवाद
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इस मामने में पहले पुलिस ने कैथल निवासी विक्रम सिंह और शिवम को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद करनाल निवासी सुखराज को भी पकड़ा लिया। सुखराज फर्जी कंपनी के लेबल, पैकेजिंग और प्रचार सामग्री तैयार करता था। आरोपियों ने एक फर्जी फर्म बनाई थी। वे अलग-अलग राज्यों के लोगों से संपर्क करते थे। उन्हें कंपनी का वितरक बनाने का प्रस्ताव देते थे। बड़े कारोबार और आकर्षक मुनाफे का झांसा देकर निवेश के नाम पर मोटी रकम लेते थे। विश्वास जीतने के लिए फर्जी दस्तावेज और नकली सामग्री का इस्तेमाल करते थे। पैसे लेने के बाद वे पीड़ितों से संपर्क तोड़ देते थे। साइबर थाना पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
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ठगी के नेटवर्क का खुलासा : जांच अधिकारी उपनिरीक्षक हरीश कुमार ने बताया कि एक म्यूल बैंक खाते से इस गिरोह का राज खुला। इस खाते में संदिग्ध लेनदेन हो रहा था।
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खाते के खिलाफ पहले से तीन शिकायतें दर्ज थीं। पुलिस ने बैंक खातों, लेनदेन और तकनीकी साक्ष्यों की जांच की। इसी आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई गई। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरोह ने कितने राज्यों में लोगों को निशाना बनाया। संवाद