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Kurukshetra News: चेक बाउंस की विशेष लोक अदालत में 102 में से 26 का हुआ निपटारा
Sun, 19 Jul 2026 03:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Sun, 19 Jul 2026 03:49 AM IST
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र, पिहोवा और शाहाबाद न्यायालयों में शनिवार को विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें चेक बाउंस (एनआई एक्ट की धारा 138) से जुड़े मामलों का निपटारा किया गया। दिनभर चली सुनवाई के दौरान 102 मामलों को विभिन्न पीठों के समक्ष रखा गया, लेकिन इनमें से केवल 26 मामलों में ही पक्षकारों के बीच समझौता हो सका।
इस विशेष लोक अदालत के लिए कुल आठ न्यायिक पीठों का गठन किया गया। इन पीठों में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश महावीर सिंह, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी गिरिराज सिंह, आयुषी अरोड़ा, शाहाबाद की उपमंडलीय न्यायिक मजिस्ट्रेट पल्लवी ओझा, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अनीता रानी, पिहोवा के उपमंडलीय न्यायिक मजिस्ट्रेट कपिल और न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी भरत और राधिका ने मामलों की सुनवाई की। इस बार लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन के तहत कोई भी नया मामला नहीं आया। सभी 102 मामले पहले से न्यायालयों में लंबित थे, जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर रखा गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष दिनेश कुमार मित्तल ने कहा कि लोक अदालत का उद्देश्य ऐसे मामलों को आपसी सहमति से सुलझाकर पक्षकारों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत देना और अदालतों में लंबित मुकदमों का बोझ कम करना है।
हालांकि शनिवार को आयोजित विशेष लोक अदालत में कुल मामलों के लगभग एक-चौथाई मामलों का ही निस्तारण हो सका। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सीजेएम नीतिका भारद्वाज ने बताया कि भविष्य में भी विभिन्न श्रेणियों के मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए लोक अदालतों का आयोजन जारी रहेगा। संवाद
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इस विशेष लोक अदालत के लिए कुल आठ न्यायिक पीठों का गठन किया गया। इन पीठों में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश महावीर सिंह, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी गिरिराज सिंह, आयुषी अरोड़ा, शाहाबाद की उपमंडलीय न्यायिक मजिस्ट्रेट पल्लवी ओझा, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अनीता रानी, पिहोवा के उपमंडलीय न्यायिक मजिस्ट्रेट कपिल और न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी भरत और राधिका ने मामलों की सुनवाई की। इस बार लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन के तहत कोई भी नया मामला नहीं आया। सभी 102 मामले पहले से न्यायालयों में लंबित थे, जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर रखा गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष दिनेश कुमार मित्तल ने कहा कि लोक अदालत का उद्देश्य ऐसे मामलों को आपसी सहमति से सुलझाकर पक्षकारों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत देना और अदालतों में लंबित मुकदमों का बोझ कम करना है।
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हालांकि शनिवार को आयोजित विशेष लोक अदालत में कुल मामलों के लगभग एक-चौथाई मामलों का ही निस्तारण हो सका। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सीजेएम नीतिका भारद्वाज ने बताया कि भविष्य में भी विभिन्न श्रेणियों के मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए लोक अदालतों का आयोजन जारी रहेगा। संवाद
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