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Kurukshetra News: सड़क हादसे के मामले में ट्रक चालक को मिला संदेह का लाभ
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कुरुक्षेत्र। वर्ष 2018 के एक सड़क दुर्घटना मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत ने फैसला सुनाया है। आरोपी ट्रक चालक बालकिशन को इस मामले में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया है। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष लापरवाही साबित करने में विफल रहा।
अभियोजन पक्ष यह साबित नहीं कर सका कि दुर्घटना के समय ट्रक बालकिशन ही चला रहा था। यह भी साबित नहीं हुआ कि दुर्घटना उसकी लापरवाह या तेज रफ्तार ड्राइविंग के कारण हुई थी। 17 मई 2018 को 100 फुट सड़क पर सर्किट हाउस चौक के पास यह दुर्घटना हुई थी। एक कार और ट्रक की टक्कर में मंगत राम गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें पहले एलएनजेपी अस्पताल और बाद में सिग्नस अस्पताल ले जाया गया।
उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी। पुलिस ने बालकिशन के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 279 और 304-ए के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। चालान अदालत में पेश किया गया था। ट्रक मालिक ने कहा था कि बालकिशन उसके यहां चालक था, पर दुर्घटना के समय कौन चला रहा था, यह नहीं बता सका। अदालत ने पाया कि दुर्घटना एक पीछे से टक्कर थी, इसमें कार ट्रक के पीछे से जा टकराई थी। गवाहों के बयानों से सामने आया कि घटनास्थल के पास गति अवरोधक था। ऐसे स्थान पर वाहन चालक का ब्रेक लगाना सामान्य व्यवहार है। केवल ब्रेक लगाने के आधार पर चालक को आपराधिक लापरवाही का दोषी नहीं ठहराया जा सकता।
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अभियोजन पक्ष यह साबित नहीं कर सका कि दुर्घटना के समय ट्रक बालकिशन ही चला रहा था। यह भी साबित नहीं हुआ कि दुर्घटना उसकी लापरवाह या तेज रफ्तार ड्राइविंग के कारण हुई थी। 17 मई 2018 को 100 फुट सड़क पर सर्किट हाउस चौक के पास यह दुर्घटना हुई थी। एक कार और ट्रक की टक्कर में मंगत राम गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें पहले एलएनजेपी अस्पताल और बाद में सिग्नस अस्पताल ले जाया गया।
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उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी। पुलिस ने बालकिशन के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 279 और 304-ए के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। चालान अदालत में पेश किया गया था। ट्रक मालिक ने कहा था कि बालकिशन उसके यहां चालक था, पर दुर्घटना के समय कौन चला रहा था, यह नहीं बता सका। अदालत ने पाया कि दुर्घटना एक पीछे से टक्कर थी, इसमें कार ट्रक के पीछे से जा टकराई थी। गवाहों के बयानों से सामने आया कि घटनास्थल के पास गति अवरोधक था। ऐसे स्थान पर वाहन चालक का ब्रेक लगाना सामान्य व्यवहार है। केवल ब्रेक लगाने के आधार पर चालक को आपराधिक लापरवाही का दोषी नहीं ठहराया जा सकता।