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Kurukshetra News: अमीन गांव के दो युवाओं ने वॉलीबाल में चमकाया नाम
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कुरुक्षेत्र। खिलाड़ी दिपांशु और अंकुश । स्वयं
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कुरुक्षेत्र। गांव अमीन को प्रदेश का वॉलीबाल का हब माना जाता है। इस गांव ने समय-समय पर वॉलीबाल को बलकार सिंह, अर्जुन अवार्डी दलेल सिंह, सुनील कुमार जैसे नायाब खिलाड़ी दिए हैं। इस सिलसिले को अब वॉलीबाल के उभरती खिलाड़ी अंकुश और दिपांशु आगे बढ़ा रहे हैं।
दिपांशु चौहान और अंकुश चौहान बतौर अटैकर टीम में खेलते हैं और गांव के ही स्टेडियम में निरंतर अभ्यास कर शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। आज ये दोनों गांव के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुके हैं। अंकुश और दिपांशु ने हाल ही में जयपुर स्थित मणिपाल यूनिवर्सिटी में आयोजित ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी वॉलीबाॅल चैंपियनशिप में रजत पदक जीता। वहीं अंकुश ने 14 से 19 मार्च तक ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित यूथ राष्ट्रीय चैंपियनशिप में भी भाग लिया। दोनों खिलाड़ी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय व गांव की टीम के लिए खेलते हैं।
वॉलीबाॅल नर्सरी कोच शिव कुमार ने बताया कि दोनों खिलाड़ी ग्रामीण व किसान परिवार से आते हैं और बेहद प्रतिभाशाली हैं। जब भी वे गांव के कोर्ट पर अभ्यास करते हैं, तो कई बच्चे उनसे सीखते हैं। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों की सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत और लगन का बड़ा योगदान है।
ओलंपिक में स्वर्ण पदक लाना ही है लक्ष्य : अंकुश
अंकुश ने बताया कि गांव के पूर्व खिलाड़ियों को देखकर उनके मन में इस खेल में कुछ करने का मन हुआ। गांव के पूर्व खिलाड़ी अक्सर गांव के मैदान में आकर यहां खेलने वाले खिलाड़ियों को प्रेरित करते हैं। अंकुश ने कहा कि ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतना ही उनका लक्ष्य है।
गांव की महान हस्तियों जैसा कुछ करना है : दिपांशु
दिपांशु ने बताया कि वे अपने पूर्व खिलाड़ियों जैसा बनने की कोशिश कर रहे हैं और इसके लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि हम भी अपने गांव और प्रदेश का नाम रोशन करें। उन्होंने बताया कि वे रोजाना करीब पांच-पांच घंटे अभ्यास करते हैं, ताकि भविष्य में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
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दिपांशु चौहान और अंकुश चौहान बतौर अटैकर टीम में खेलते हैं और गांव के ही स्टेडियम में निरंतर अभ्यास कर शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। आज ये दोनों गांव के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुके हैं। अंकुश और दिपांशु ने हाल ही में जयपुर स्थित मणिपाल यूनिवर्सिटी में आयोजित ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी वॉलीबाॅल चैंपियनशिप में रजत पदक जीता। वहीं अंकुश ने 14 से 19 मार्च तक ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित यूथ राष्ट्रीय चैंपियनशिप में भी भाग लिया। दोनों खिलाड़ी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय व गांव की टीम के लिए खेलते हैं।
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वॉलीबाॅल नर्सरी कोच शिव कुमार ने बताया कि दोनों खिलाड़ी ग्रामीण व किसान परिवार से आते हैं और बेहद प्रतिभाशाली हैं। जब भी वे गांव के कोर्ट पर अभ्यास करते हैं, तो कई बच्चे उनसे सीखते हैं। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों की सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत और लगन का बड़ा योगदान है।
ओलंपिक में स्वर्ण पदक लाना ही है लक्ष्य : अंकुश
अंकुश ने बताया कि गांव के पूर्व खिलाड़ियों को देखकर उनके मन में इस खेल में कुछ करने का मन हुआ। गांव के पूर्व खिलाड़ी अक्सर गांव के मैदान में आकर यहां खेलने वाले खिलाड़ियों को प्रेरित करते हैं। अंकुश ने कहा कि ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतना ही उनका लक्ष्य है।
गांव की महान हस्तियों जैसा कुछ करना है : दिपांशु
दिपांशु ने बताया कि वे अपने पूर्व खिलाड़ियों जैसा बनने की कोशिश कर रहे हैं और इसके लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि हम भी अपने गांव और प्रदेश का नाम रोशन करें। उन्होंने बताया कि वे रोजाना करीब पांच-पांच घंटे अभ्यास करते हैं, ताकि भविष्य में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।