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Mahendragarh-Narnaul News: डेढ़ माह से बंद आंखों के ऑपरेशन, 120 मरीजों का इंतजार
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फोटो 11 महिला की आंखों की जांच करते चिकित्सक। संवाद
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नारनौल। नागरिक अस्पताल में करीब डेढ़ माह से माइक्रोस्कोप खराब होने के कारण मोतियाबिंद के ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। इससे करीब 120 मरीजों के ऑपरेशन लंबित हैं। रोज आंखों की समस्या लेकर 10 से 15 मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं लेकिन सुविधा नहीं मिलने से उन्हें परेशानी हो रही है।
मरीजों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में इलाज की उम्मीद लेकर आने के बावजूद उन्हें निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। आंख के छोटे से ऑपरेशन पर भी करीब 10 हजार रुपये तक खर्च हो सकता है। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए यह खर्च उठाना मुश्किल है। मरीजों ने जल्द उपकरण ठीक कराने या नया माइक्रोस्कोप उपलब्ध कराने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार यह माइक्रोस्कोप करीब छह माह पहले सोनीपत के नागरिक अस्पताल से नारनौल भेजा गया था। सोनीपत में नया उपकरण आने के बाद वहां का पुराना माइक्रोस्कोप नारनौल भेजा गया। यहां आने के बाद से ही इसमें बार-बार खराबी आती रही है।
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नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. नवीन ने बताया कि माइक्रोस्कोप खराब होने के कारण मोतियाबिंद के ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। करीब 120 मरीजों के केस लंबित हैं। उन्होंने बताया कि जल्द ही अस्पताल को नया माइक्रोस्कोप मिलने की उम्मीद है।
माइक्रोस्कोप आंखों के ऑपरेशन में बेहद जरूरी उपकरण है। इसकी मदद से डॉक्टर आंख के बेहद छोटे हिस्सों को बड़ा और साफ देखकर सटीक ऑपरेशन कर पाते हैं। समय पर इलाज नहीं मिलने से मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है।
बॉक्स:
आखों में खुजली की समस्या के चलते अस्पताल आई थी लेकिन डॉक्टर ने कहा कि मशीन खराब है और दवा लिखी है।-लक्ष्मी देवी, मोहल्ला बड़ा बाग
बॉक्स:
आखों की जांच कराने गांव से अस्पताल आई थी। डाॅक्टर ने आई ड्रॉप लिखी है और जांच के लिए मना कर दिया, क्योंकि कोई मशीन खराब है।-राजबाला, गांव मुकुंदपुरा
वर्जन:
माइक्रोस्कोप की डिमांड मुख्यालय में भिजवा दी गई है और जल्द ही नया माइक्रोस्कोप अस्पताल में आ जाएगा।
-डॉ. विजय डबास, उप चिकित्सा अधिकारी, नागरिक अस्पताल
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मरीजों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में इलाज की उम्मीद लेकर आने के बावजूद उन्हें निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। आंख के छोटे से ऑपरेशन पर भी करीब 10 हजार रुपये तक खर्च हो सकता है। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए यह खर्च उठाना मुश्किल है। मरीजों ने जल्द उपकरण ठीक कराने या नया माइक्रोस्कोप उपलब्ध कराने की मांग की है।
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जानकारी के अनुसार यह माइक्रोस्कोप करीब छह माह पहले सोनीपत के नागरिक अस्पताल से नारनौल भेजा गया था। सोनीपत में नया उपकरण आने के बाद वहां का पुराना माइक्रोस्कोप नारनौल भेजा गया। यहां आने के बाद से ही इसमें बार-बार खराबी आती रही है।
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नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. नवीन ने बताया कि माइक्रोस्कोप खराब होने के कारण मोतियाबिंद के ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। करीब 120 मरीजों के केस लंबित हैं। उन्होंने बताया कि जल्द ही अस्पताल को नया माइक्रोस्कोप मिलने की उम्मीद है।
माइक्रोस्कोप आंखों के ऑपरेशन में बेहद जरूरी उपकरण है। इसकी मदद से डॉक्टर आंख के बेहद छोटे हिस्सों को बड़ा और साफ देखकर सटीक ऑपरेशन कर पाते हैं। समय पर इलाज नहीं मिलने से मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है।
बॉक्स:
आखों में खुजली की समस्या के चलते अस्पताल आई थी लेकिन डॉक्टर ने कहा कि मशीन खराब है और दवा लिखी है।-लक्ष्मी देवी, मोहल्ला बड़ा बाग
बॉक्स:
आखों की जांच कराने गांव से अस्पताल आई थी। डाॅक्टर ने आई ड्रॉप लिखी है और जांच के लिए मना कर दिया, क्योंकि कोई मशीन खराब है।-राजबाला, गांव मुकुंदपुरा
वर्जन:
माइक्रोस्कोप की डिमांड मुख्यालय में भिजवा दी गई है और जल्द ही नया माइक्रोस्कोप अस्पताल में आ जाएगा।
-डॉ. विजय डबास, उप चिकित्सा अधिकारी, नागरिक अस्पताल

फोटो 11 महिला की आंखों की जांच करते चिकित्सक। संवाद

फोटो 11 महिला की आंखों की जांच करते चिकित्सक। संवाद

फोटो 11 महिला की आंखों की जांच करते चिकित्सक। संवाद