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गेहूं पर एमएसपी में 25 पैसे प्रति किलो की बढ़ोतरी मजाक : दुष्यंत
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संवाद न्यूज एजेंसी
नारनौल। हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं जजपा के वरिष्ठ नेता दुष्यंत चौटाला रविवार को नारनौल दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने गांव नांगल सालु स्थित जीण भवानी गोवंश उपचार शाला में आयोजित वार्षिक भंडारे में शिरकत की। इसके बाद वे नगर पार्षद संदीप भाखर की दादी के निधन पर शोक व्यक्त करने मोहल्ला जमालपुर स्थित उनके निवास स्थान पर पहुंचे।
चौटाला ने कहा कि बीजेपी सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के दावे तो करती है लेकिन जमीनी स्तर पर किसान अपनी जरूरतों के लिए परेशान हो रहा है। बुआई के महत्वपूर्ण समय में यदि किसान को पर्याप्त खाद, बीज और बिजली नहीं मिलेगी तो उसकी फसल और आमदनी दोनों पर असर पड़ेगा।
चौटाला ने कहा कि गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी, यानी मात्र 25 पैसे प्रति किलो की वृद्धि, किसानों की लागत और उनकी आर्थिक चुनौतियों के मुकाबले बेहद मामूली है। किसानों को खाद, बीज, डीजल, बिजली और कृषि मजदूरी पर बढ़ते खर्च का सामना करना पड़ता है। उन्होंने केंद्र सरकार से किसानों की लागत और उनकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कम से कम 200 रुपये पर क्विंटल एमएसपी सुनिश्चित करने की मांग की।
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नारनौल। हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं जजपा के वरिष्ठ नेता दुष्यंत चौटाला रविवार को नारनौल दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने गांव नांगल सालु स्थित जीण भवानी गोवंश उपचार शाला में आयोजित वार्षिक भंडारे में शिरकत की। इसके बाद वे नगर पार्षद संदीप भाखर की दादी के निधन पर शोक व्यक्त करने मोहल्ला जमालपुर स्थित उनके निवास स्थान पर पहुंचे।
चौटाला ने कहा कि बीजेपी सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के दावे तो करती है लेकिन जमीनी स्तर पर किसान अपनी जरूरतों के लिए परेशान हो रहा है। बुआई के महत्वपूर्ण समय में यदि किसान को पर्याप्त खाद, बीज और बिजली नहीं मिलेगी तो उसकी फसल और आमदनी दोनों पर असर पड़ेगा।
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चौटाला ने कहा कि गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी, यानी मात्र 25 पैसे प्रति किलो की वृद्धि, किसानों की लागत और उनकी आर्थिक चुनौतियों के मुकाबले बेहद मामूली है। किसानों को खाद, बीज, डीजल, बिजली और कृषि मजदूरी पर बढ़ते खर्च का सामना करना पड़ता है। उन्होंने केंद्र सरकार से किसानों की लागत और उनकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कम से कम 200 रुपये पर क्विंटल एमएसपी सुनिश्चित करने की मांग की।
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