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Mahendragarh-Narnaul News: कुपोषण प्रबंधन पर शोध के लिए हकेंवि को मिला 41 लाख रुपये का शोध अनुदान
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Wed, 25 Mar 2026 11:18 PM IST
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फोटो संख्या:58- हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय महेंद्रगढ़---स्रोत- हकेंवि
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महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय को हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद की ओर से हरियाणा स्टेट रिसर्च फंड के तहत 41 लाख रुपये का शोध अनुदान प्रदान किया गया है। यह अनुदान कुपोषण प्रबंधन पर शोध और रेडी-टू-ईट (आरटीई) प्रोटीन-समृद्ध खाद्य उत्पादों के विकास एवं प्री-स्कूल बच्चों में कुपोषण प्रबंधन पर इसका प्रभाव विषयक परियोजना के लिए स्वीकृत किया गया है।
इस परियोजना का उद्देश्य प्री-स्कूल आयु वर्ग के बच्चों में कुपोषण की गंभीर समस्या का समाधान करना है। इसके लिए पौष्टिक, सुलभ एवं स्थायी खाद्य उत्पाद विकसित किए जाएंगे। यह परियोजना पोषण जीवविज्ञान विभाग की परियोजना अन्वेषक डॉ. अनीता कुमारी के नेतृत्व में संचालित की जाएगी।
इनका शोध कार्य नवाचार आधारित खाद्य प्रसंस्करण तकनीकों के माध्यम से पोषण स्तर में सुधार व जनस्वास्थ्य को सुदृढ़ करने पर केंद्रित है। इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने परियोजना की प्रधान अन्वेषक डॉ. अनीता कुमारी व सह-अन्वेषक प्रो. सुरेंद्र सिंह को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शोध कार्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राथमिकताओं को सशक्त बनाने के साथ-साथ विश्वविद्यालय की प्रभावी शोध प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करते हैं।
समकुलपति प्रो. पवन कुमार शर्मा ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह परियोजना बाल पोषण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देगी और एक स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण में सहायक सिद्ध होगी।
कुलसचिव प्रो. सुनील कुमार ने विद्यार्थियों के लिए नवाचारी पोषण हस्तक्षेप विकसित करने के इस प्रयास को महत्वपूर्ण बताया। विश्वविद्यालय की शोध अधिष्ठाता एवं रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल की अधिष्ठाता प्रो. नीलम सांगवान, स्कूल ऑफ इंटरडिसिप्लिनरी एंड एप्लाइड साइंसेज के अधिष्ठाता प्रो. दिनेश कुमार गुप्ता व पोषण जीवविज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. उमेश कुमार ने इस उपलब्धि पर बधाई दी है।
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इस परियोजना का उद्देश्य प्री-स्कूल आयु वर्ग के बच्चों में कुपोषण की गंभीर समस्या का समाधान करना है। इसके लिए पौष्टिक, सुलभ एवं स्थायी खाद्य उत्पाद विकसित किए जाएंगे। यह परियोजना पोषण जीवविज्ञान विभाग की परियोजना अन्वेषक डॉ. अनीता कुमारी के नेतृत्व में संचालित की जाएगी।
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इनका शोध कार्य नवाचार आधारित खाद्य प्रसंस्करण तकनीकों के माध्यम से पोषण स्तर में सुधार व जनस्वास्थ्य को सुदृढ़ करने पर केंद्रित है। इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने परियोजना की प्रधान अन्वेषक डॉ. अनीता कुमारी व सह-अन्वेषक प्रो. सुरेंद्र सिंह को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शोध कार्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राथमिकताओं को सशक्त बनाने के साथ-साथ विश्वविद्यालय की प्रभावी शोध प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करते हैं।
समकुलपति प्रो. पवन कुमार शर्मा ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह परियोजना बाल पोषण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देगी और एक स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण में सहायक सिद्ध होगी।
कुलसचिव प्रो. सुनील कुमार ने विद्यार्थियों के लिए नवाचारी पोषण हस्तक्षेप विकसित करने के इस प्रयास को महत्वपूर्ण बताया। विश्वविद्यालय की शोध अधिष्ठाता एवं रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल की अधिष्ठाता प्रो. नीलम सांगवान, स्कूल ऑफ इंटरडिसिप्लिनरी एंड एप्लाइड साइंसेज के अधिष्ठाता प्रो. दिनेश कुमार गुप्ता व पोषण जीवविज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. उमेश कुमार ने इस उपलब्धि पर बधाई दी है।

फोटो संख्या:58- हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय महेंद्रगढ़---स्रोत- हकेंवि