{"_id":"6a84c2b4d903850c9106bf72","slug":"information-about-diseases-was-provided-at-the-farmers-meeting-narnol-news-c-196-1-nnl1010-144049-2026-08-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: किसान गोष्ठी में रोगों के बारे में दी जानकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: किसान गोष्ठी में रोगों के बारे में दी जानकारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंडी अटेली। ग्वार की फसल इस बार खेतों में अच्छी स्थिति में है। ऐसे में रोगों से बचाव को लेकर कृषि विभाग ने गांव खारीवाड़ा में आत्मा योजना के तहत किसान गोष्ठी आयोजित की। खास बात यह रही कि किसानों को बंद कमरे में जानकारी देने के बजाय सीधे ग्वार के खेत में ले जाकर रोगों की पहचान और बचाव के तरीके समझाए गए।
खेत में उतरकर समझाए रोगों के लक्षण
ग्वार विशेषज्ञ बीडी यादव ने किसानों के साथ खेत में जाकर पौधों का निरीक्षण कराया। उन्होंने पत्तियों पर धब्बे, मुरझाने तथा जड़ और तने में होने वाले बदलावों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पौधों में दिखने वाले छोटे बदलावों को नजरअंदाज न करें। रोग की समय पर पहचान होने से फसल को बड़े नुकसान से बचाया जा सकता है।
उन्होंने किसानों को रोगों की वैज्ञानिक रोकथाम के उपाय भी बताए। उन्होंने कहा कि बीमारी या कीट का प्रकोप दिखने पर बिना जानकारी दवा का छिड़काव न करें। पहले रोग की सही पहचान करें और विशेषज्ञ की सलाह से उचित दवा व निर्धारित मात्रा का प्रयोग करें। फसल की नियमित निगरानी भी जरूरी है।
विज्ञापन
योजनाओं की दी जानकारी
खंड कृषि अधिकारी रजनीश ने किसानों को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं और नीतियों की जानकारी दी। उन्होंने किसानों से योजनाओं का लाभ उठाकर आधुनिक व वैज्ञानिक तरीके से खेती करने का आह्वान किया।
विज्ञापन
खेत में उतरकर समझाए रोगों के लक्षण
ग्वार विशेषज्ञ बीडी यादव ने किसानों के साथ खेत में जाकर पौधों का निरीक्षण कराया। उन्होंने पत्तियों पर धब्बे, मुरझाने तथा जड़ और तने में होने वाले बदलावों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पौधों में दिखने वाले छोटे बदलावों को नजरअंदाज न करें। रोग की समय पर पहचान होने से फसल को बड़े नुकसान से बचाया जा सकता है।
विज्ञापन
उन्होंने किसानों को रोगों की वैज्ञानिक रोकथाम के उपाय भी बताए। उन्होंने कहा कि बीमारी या कीट का प्रकोप दिखने पर बिना जानकारी दवा का छिड़काव न करें। पहले रोग की सही पहचान करें और विशेषज्ञ की सलाह से उचित दवा व निर्धारित मात्रा का प्रयोग करें। फसल की नियमित निगरानी भी जरूरी है।
विज्ञापन
योजनाओं की दी जानकारी
खंड कृषि अधिकारी रजनीश ने किसानों को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं और नीतियों की जानकारी दी। उन्होंने किसानों से योजनाओं का लाभ उठाकर आधुनिक व वैज्ञानिक तरीके से खेती करने का आह्वान किया।