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Mahendragarh-Narnaul News: नारनौल के मनीष बने हरियाणा ड्रग डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष
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फोटो : सोनीपत के केमिस्ट भवन में आयोजित चुनाव के दौरान हरियाणा ड्रग डीलर एसोसिएशन के नवनियुक्त
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सोनीपत। हरियाणा ड्रग डीलर एसोसिएशन ने रविवार को सोनीपत के केमिस्ट भवन में जनरल बॉडी बैठक बुलाई। इसमें 14 जिलों के प्रतिनिधियों ने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने के साथ अध्यक्ष भी चुना। नारनौल के मनीष मित्तल को सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना गया। केमिस्टों ने सरकार से मांग की है कि दवाइयों की गैर कानूनी ऑनलाइन बिक्री को रोका जाए।
जिला प्रधान सतीश विज ने बताया कि केमिस्टों का दायित्व है कि वह चिकित्सक की पर्ची के बिना एंटीबायोटिक्स व शेड्यूल एच-1 की दवाएं उपभोक्ताओं को न दें। कई दवाएं ड्रग एक्ट के शेड्यूल एच-1 में आती है जिनकी बिक्री का पूरा रिकाॅर्ड रखना जरूरी होता है।
केमिस्टों ने सरकार से मांग की कि दवाइयों की गैर कानूनी ऑनलाइन बिक्री को रोका जाए। बिना डॉक्टर की पर्ची के नींद व गर्भपात की दवाएं आसानी से सुलभ जो पाती हैं। इनका गलत इस्तेमाल समाज एवं स्वास्थ्य दोनों के लिए हानिकारक होता है।
करतार सिंह मक्कड़ ने बताया कि केमिस्टों को इस पर ध्यान देने की जरूरत है कि दवा ठीक से ग्राहक को दी जाए। गुणवत्ता पूरी हो और रेट भी जायज लिए जाए। बिना बिल कोई दवा न खरीदे और न बेचे। साथ ही बताया गया कि डिस्काउंट बोर्ड लगाने के कारण केमिस्टों की छवि धूमिल हो रही है। दवाओं की अनैतिक बिक्री को भी बढ़ावा मिलता है।
बैठक में सुझाव दिया गया कि केमिस्टों को इस प्रकार के बोर्ड नहीं लगाने चाहिए। यदि ऐसा बोर्ड लगा हुआ है तो उसे तुरंत हटा देना चाहिए। इस दौरान सतीश कत्याल, शिवकुमार गुप्ता, जीएस पसरीचा, शरद, सतपाल सिंह, दीपक सचदेवा, केशव सैनी, महिंद्र लूथरा, योगेश पांडे, कुनाल गोयल, घनश्याम दास, दीपक भी उपस्थित हुए।
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जिला प्रधान सतीश विज ने बताया कि केमिस्टों का दायित्व है कि वह चिकित्सक की पर्ची के बिना एंटीबायोटिक्स व शेड्यूल एच-1 की दवाएं उपभोक्ताओं को न दें। कई दवाएं ड्रग एक्ट के शेड्यूल एच-1 में आती है जिनकी बिक्री का पूरा रिकाॅर्ड रखना जरूरी होता है।
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केमिस्टों ने सरकार से मांग की कि दवाइयों की गैर कानूनी ऑनलाइन बिक्री को रोका जाए। बिना डॉक्टर की पर्ची के नींद व गर्भपात की दवाएं आसानी से सुलभ जो पाती हैं। इनका गलत इस्तेमाल समाज एवं स्वास्थ्य दोनों के लिए हानिकारक होता है।
करतार सिंह मक्कड़ ने बताया कि केमिस्टों को इस पर ध्यान देने की जरूरत है कि दवा ठीक से ग्राहक को दी जाए। गुणवत्ता पूरी हो और रेट भी जायज लिए जाए। बिना बिल कोई दवा न खरीदे और न बेचे। साथ ही बताया गया कि डिस्काउंट बोर्ड लगाने के कारण केमिस्टों की छवि धूमिल हो रही है। दवाओं की अनैतिक बिक्री को भी बढ़ावा मिलता है।
बैठक में सुझाव दिया गया कि केमिस्टों को इस प्रकार के बोर्ड नहीं लगाने चाहिए। यदि ऐसा बोर्ड लगा हुआ है तो उसे तुरंत हटा देना चाहिए। इस दौरान सतीश कत्याल, शिवकुमार गुप्ता, जीएस पसरीचा, शरद, सतपाल सिंह, दीपक सचदेवा, केशव सैनी, महिंद्र लूथरा, योगेश पांडे, कुनाल गोयल, घनश्याम दास, दीपक भी उपस्थित हुए।