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Mahendragarh-Narnaul News: शिक्षा में सुधार के लिए अब होगी निगरानी
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Mon, 23 Mar 2026 12:12 AM IST
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फोटो नंबर-27जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय नारनौल।
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नारनौल। सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता और व्यवस्थागत सुधार लाने के लिए अब निगरानी व्यवस्था लागू की जाएगी। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने खंड शिक्षा अधिकारियों की नियमित रूप से स्कूलों का निरीक्षण करने और हर दौरे की रिपोर्ट ऑनलाइन पोर्टल पर जियो टैग के साथ अपलोड करने के निर्देश दिए हैं।
नई व्यवस्था के तहत खंड स्तर के अधिकारी प्रत्येक माह कम से कम एक विद्यालय का निरीक्षण करेंगे। जिला स्तर के अधिकारी चार माह में एक बार और वर्ष में कम से कम तीन बार स्कूलों की जांच करेंगे।
विभाग ने सभी अधिकारियों के बीच स्कूलों का बंटवारा कर जवाबदेही भी तय कर दी है, जिससे निगरानी व्यवस्था प्रभावी हो सके। निरीक्षण के दौरान स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ शिक्षण व्यवस्था पर विशेष फोकस रहेगा।
अधिकारी भवन, कक्षाओं की स्थिति, शौचालय, पेयजल, बिजली, खेल मैदान, आईसीटी लैब, पुस्तकालय और प्रयोगशालाओं की स्थिति की जांच करेंगे। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि कक्षाएं नियमित रूप से संचालित हो रही हैं या नहीं, शिक्षक समय पर उपस्थित हैं या नहीं और विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाई मिल रही है या नहीं।
वर्जन:
सभी अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं और मैं स्वयं भी स्कूलों का समय-समय पर निरीक्षण करूंगा ताकि जरूरत के अनुसार सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।-डॉ. विश्वेश्वर कौशिक। जिला शिक्षा अधिकारी नारनौल।
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विभाग ने सभी अधिकारियों के बीच स्कूलों का बंटवारा कर जवाबदेही भी तय कर दी है, जिससे निगरानी व्यवस्था प्रभावी हो सके। निरीक्षण के दौरान स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ शिक्षण व्यवस्था पर विशेष फोकस रहेगा।
अधिकारी भवन, कक्षाओं की स्थिति, शौचालय, पेयजल, बिजली, खेल मैदान, आईसीटी लैब, पुस्तकालय और प्रयोगशालाओं की स्थिति की जांच करेंगे। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि कक्षाएं नियमित रूप से संचालित हो रही हैं या नहीं, शिक्षक समय पर उपस्थित हैं या नहीं और विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाई मिल रही है या नहीं।
वर्जन:
सभी अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं और मैं स्वयं भी स्कूलों का समय-समय पर निरीक्षण करूंगा ताकि जरूरत के अनुसार सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।-डॉ. विश्वेश्वर कौशिक। जिला शिक्षा अधिकारी नारनौल।