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Congress On PM: 'प्रधानमंत्री ने कुछ नया नहीं कहा', प्रियंका बोलीं- संसद में पश्चिम एशिया पर चर्चा होनी चाहिए

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Pavan Updated Mon, 23 Mar 2026 03:25 PM IST
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सार

प्रधानमंत्री मोदी ने आज लोकसभा में पश्चिम एशिया में व्याप्त संकट पर बयान दिया है। वहीं कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने उनपर निशाना साधते हुए कहा कि उनके बयान में कुछ भी नया नहीं था। कुल मिलाकर, जहां सरकार स्थिति को संभालने और प्रभाव कम करने की बात कर रही है, वहीं विपक्ष इस मुद्दे पर खुली और विस्तृत चर्चा की मांग कर रहा है।

PM did not say anything new, discussion on West Asia should happen in Parl: Priyanka
पीएम मोदी पर प्रियंका गांधी का हमला - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पश्चिम एशिया पर दिए गए बयान को लेकर सवाल उठाए हैं और संसद में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की मांग की है। प्रियंका गांधी ने सोमवार को संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने जो बयान दिया, उसमें कोई नई बात नहीं थी। उन्होंने कहा कि देश को सिर्फ जानकारी दी गई, लेकिन इस गंभीर मुद्दे पर सभी पक्षों की राय सामने आनी चाहिए। उनका मानना है कि संसद में चर्चा होने से सरकार और विपक्ष दोनों अपने-अपने विचार रख सकेंगे, जिससे देश को पूरी तस्वीर समझने में मदद मिलेगी।
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लोकसभा में पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया तनाव पर दिया बयान
दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और युद्ध जैसी स्थिति पर बयान दिया था। उन्होंने कहा कि इस संकट के दौरान भारत सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता भारतीय नागरिकों की सुरक्षा है। सरकार लगातार सतर्क है और जरूरत पड़ने पर हर संभव मदद देने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी माना कि यह स्थिति चिंताजनक है और इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और आम लोगों की आजीविका पर पड़ रहा है।

होर्मुज से माल ढुलाई में दिक्कत- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने खास तौर पर ऊर्जा और ईंधन आपूर्ति को लेकर भी बात की। उन्होंने बताया कि युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली माल ढुलाई में दिक्कत आ रही है, जो तेल और गैस सप्लाई के लिए बहुत अहम मार्ग है। इसके बावजूद सरकार कोशिश कर रही है कि देश में गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई पर कम से कम असर पड़े।

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'संघर्ष ने कई अप्रत्याशित चुनौतियां पैदा कर दीं'
उन्होंने यह भी बताया कि भारत अपनी लगभग 60 प्रतिशत एलपीजी जरूरतें आयात करता है। ऐसे में अनिश्चित सप्लाई को देखते हुए सरकार घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता दे रही है और देश में एलपीजी उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस संघर्ष ने आर्थिक, मानवीय और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई नए और अप्रत्याशित चुनौतियां पैदा कर दी हैं।

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