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गीता केवल एक धार्मिक पुस्तक नहीं, मानवता के लिए दिव्य शृंगार है : स्वामी ज्ञानानंद
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फोटो नंबर-18दिव्य सत्संग कार्यक्रम में मौजूद श्रद्धालु। संवाद
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नारनौल। शहर के रेवाड़ी रोड स्थित सीएल फार्म में श्री कृष्ण कृपा जीओ गीता परिवार की ओर से आयोजित दिव्य गीता सत्संग के अंतिम दिन शुक्रवार को गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने श्रद्धालुओं को नियमित गीता पाठ करने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता केवल एक धार्मिक पुस्तक नहीं, बल्कि मानवता के लिए दिव्य शृंगार है। इसके नियमित पाठ और चिंतन से व्यक्ति को जीवन जीने की सही दिशा मिलती है।
स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि गीता का अध्ययन युवाओं को धर्म और संस्कारों से जोड़ने के साथ मन को मजबूती प्रदान करता है। आज के समय में मोबाइल फोन लोगों के जीवन का अहम हिस्सा बन गया है। लोग घंटों मोबाइल पर समय व्यतीत कर रहे हैं जबकि भगवान के नाम और गीता के संदेश से दूर होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मोबाइल का अत्यधिक उपयोग भी जीवन में अनेक कठिनाइयों का कारण बन सकता है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि यदि जीवन में सकारात्मक परिवर्तन और सुख-शांति चाहते हैं तो गीता का पाठ और सत्संग नियमित रूप से करें। उन्होंने अंतिम दिन गुरु दक्षिणा के रूप में श्रद्धालुओं से नित्य गीता पाठ करने का संकल्प भी लिया। सत्संग के समापन पर श्रद्धालुओं ने भजनों का आनंद लिया। इसके बाद आरती की गई और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि गीता का अध्ययन युवाओं को धर्म और संस्कारों से जोड़ने के साथ मन को मजबूती प्रदान करता है। आज के समय में मोबाइल फोन लोगों के जीवन का अहम हिस्सा बन गया है। लोग घंटों मोबाइल पर समय व्यतीत कर रहे हैं जबकि भगवान के नाम और गीता के संदेश से दूर होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मोबाइल का अत्यधिक उपयोग भी जीवन में अनेक कठिनाइयों का कारण बन सकता है।
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उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि यदि जीवन में सकारात्मक परिवर्तन और सुख-शांति चाहते हैं तो गीता का पाठ और सत्संग नियमित रूप से करें। उन्होंने अंतिम दिन गुरु दक्षिणा के रूप में श्रद्धालुओं से नित्य गीता पाठ करने का संकल्प भी लिया। सत्संग के समापन पर श्रद्धालुओं ने भजनों का आनंद लिया। इसके बाद आरती की गई और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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