फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   The Havelis of Sanghiwada Became a Haven Amidst the Horrors of Partition

Mahendragarh-Narnaul News: विभाजन की विभीषिका में शरणस्थली बनीं संघीवाड़ा की हवेलियां

Fri, 14 Aug 2026 12:07 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 14 Aug 2026 12:07 AM IST
विज्ञापन
The Havelis of Sanghiwada Became a Haven Amidst the Horrors of Partition
नारनौल। शहर की पुरानी गलियों में आज भी इतिहास सांस लेता है। संघीवाड़ा मोहल्ले की हवेलियां केवल स्थापत्य की पहचान नहीं, बल्कि उन दिनों की गवाह हैं जब देश आजादी की दहलीज पर था और 1947 का विभाजन लोगों के लिए भय, विस्थापन और असुरक्षा का दौर लेकर आया था। इन हवेलियों से जुड़ी स्मृतियां उस दौर की मानवीय संवेदना और सामाजिक एकजुटता की कहानी सामने लाती हैं।
विज्ञापन

इंटेक्स कन्वीनर सोमप्रकाश अग्रवाल के अनुसार, संघीवाड़ा की नौ चौक हवेली का निर्माण हरबकख्शलाल लाल संघी ने करवाया था। हवेली में नौ चौक और दो दरवाजे हैं। आजादी से पहले यहां लोगों की समस्याएं सुनी जाती थीं। हरबकख्शलाल लाल संघी नवाब झज्जर के दीवान थे और हवेली में कचहरी लगाया करते थे। वे सामाजिक गतिविधियों के साथ स्वतंत्रता आंदोलन से भी जुड़े रहे।
विज्ञापन

वर्ष 1947 में विभाजन के दौरान जब क्षेत्र में तनाव और हिंसा का माहौल बना, तब नौ चौक हवेली हिंदू परिवारों के लिए शरणस्थली बन गई। बताया जाता है कि यहां लोगों को आश्रय दिया गया और मोर्चे पर डटे लोगों के लिए भोजन तैयार कर भेजा जाता था। इस तरह हवेली ने संकट के समय केवल एक इमारत नहीं, बल्कि सुरक्षा और सहयोग के केंद्र की भूमिका निभाई।
विज्ञापन
विज्ञापन

संघीवाड़ा की खिरनी वाली हवेली भी स्वतंत्रता आंदोलन की स्मृतियों से जुड़ी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, लाला शंकरलाल संघी नेताजी सुभाषचंद्र बोस के साथ स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रहे थे। यह भी बताया जाता है कि काबुल जाते समय नेताजी यहां रुके थे। हवेली में आज भी सत्यवती माता का मंदिर मौजूद है। आज समय के साथ इन हवेलियों का स्वरूप बदल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed