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Mahendragarh-Narnaul News: 15 मई तक कपास की बिजाई के लिए उपयुक्त रहेगा मौसम
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फोटो संख्या:73 गांव पाथेड़ा में खेत की जुताई में जुटा किसान। संवाद
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महेंद्रगढ़। जिले में कपास की बिजाई के लिए अभी मौसम अनुकूल बना है। 15 मई तक किसान अगेती कपास की बिजाई कर सकते हैं। मौसम की अनुकूल परिस्थितियों को देखते हुए इस बार जिले में कपास का रकबा बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
वर्ष 2024-25 में जिले में करीब 45 हजार एकड़ क्षेत्र में कपास की खेती की गई थी। किसानों ने सरसों की कटाई पूरी होने के बाद ही खेत तैयार करने शुरू कर दिए थे। इस समय जिले में कई स्थानों पर अगेती कपास की बिजाई भी हो चुकी है। किसानों का मानना है कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार मौसम बेहतर रहने की उम्मीद है जिससे फसल उत्पादन अच्छा मिल सकता है।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपमंडल अधिकारी डॉ. अजय यादव ने बताया कि कपास की बिजाई के समय खेत में उचित नमी होना जरूरी है। बदलते मौसम को ध्यान में रखकर ही किसान कपास की बिजाई करें।
अगर अधिक तापमान के चलते जमवार प्रभावित होती दिखाई दे तो रात के समय हल्की सिंचाई कर सकते हैं। किसान प्रमाणित बीज व संतुलित मात्रा में उर्वरकों का ही उपयोग करें। जमवार के बाद कीटों से बचाव के लिए समय-समय पर खेतों की निगरानी करते रहें। मौसम की जानकारी के अनुसार ही सिंचाई और बिजाई कार्य करें।
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वर्ष 2024-25 में जिले में करीब 45 हजार एकड़ क्षेत्र में कपास की खेती की गई थी। किसानों ने सरसों की कटाई पूरी होने के बाद ही खेत तैयार करने शुरू कर दिए थे। इस समय जिले में कई स्थानों पर अगेती कपास की बिजाई भी हो चुकी है। किसानों का मानना है कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार मौसम बेहतर रहने की उम्मीद है जिससे फसल उत्पादन अच्छा मिल सकता है।
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कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपमंडल अधिकारी डॉ. अजय यादव ने बताया कि कपास की बिजाई के समय खेत में उचित नमी होना जरूरी है। बदलते मौसम को ध्यान में रखकर ही किसान कपास की बिजाई करें।
अगर अधिक तापमान के चलते जमवार प्रभावित होती दिखाई दे तो रात के समय हल्की सिंचाई कर सकते हैं। किसान प्रमाणित बीज व संतुलित मात्रा में उर्वरकों का ही उपयोग करें। जमवार के बाद कीटों से बचाव के लिए समय-समय पर खेतों की निगरानी करते रहें। मौसम की जानकारी के अनुसार ही सिंचाई और बिजाई कार्य करें।
