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Mahendragarh-Narnaul News: उठान सुस्त, 8009 किसानों की अटकी पेमेंट...72 घंटे का दावा फेल
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12जेएनडी29: शहर की अनाजमंडी में लगी गेहूं के ढेर। संवाद
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जींद। जिलेभर की अनाज मंडियों में गेहूं की आवक लगातार बढ़ रही है लेकिन खरीद और उठान की धीमी गति के चलते किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब तक करीब 45 लाख क्विंटल गेहूं मंडियों में पहुंच चुका है, जबकि मात्र 7.20 लाख क्विंटल की ही खरीद हो पाई है।
स्थिति यह है कि जिले की 39 मंडियों में से केवल जींद, अलेवा, धमतान और पिल्लूखेड़ा मंडी में ही नाममात्र का उठान शुरू हो पाया है। बाकी मंडियों में उठान की प्रक्रिया लगभग ठप पड़ी है। अब तक केवल 9 हजार क्विंटल गेहूं का ही उठान हो सका है जो कुल आवक के मुकाबले बेहद कम है।
मंडियों में 8009 किसानों ने अपना गेहूं बेच दिया है लेकिन हैरानी की बात यह है कि एक भी किसान के खाते में अब तक भुगतान नहीं पहुंचा है। सरकार की ओर से 72 घंटे के भीतर भुगतान करने का दावा किया जाता है लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट नजर आ रही है।
उठान में देरी के कारण भुगतान प्रक्रिया भी अटक गई है। मंडियों में जगह की कमी और गेहूं के ढेर बढ़ने से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। किसानों को अपनी फसल की सुरक्षा को लेकर चिंता सताने लगी है। कई जगहों पर किसानों को खुले में गेहूं रखना पड़ रहा है, जिससे मौसम खराब होने की स्थिति में नुकसान का खतरा बना हुआ है।
मंडी में धरना दे रहे भाकियू के पदाधिकारियों उमेद रेढू, जिला प्रधान बिंद्र नंबरदार ने सरकार से मांग कि उठान की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए और भुगतान जल्द से जल्द किया जाए ताकि उन्हें आर्थिक राहत मिल सके।
वर्जन
मंडियों में उठान की गति बढ़ाई जाएगी। जिन किसानों की फसल खरीद एजेंसियों के गोदाम में जा चुकी है। उनकी पेमेंट भी जल्द ही खातों में डलवाई जाएगी। किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। -राजेश आर्य, जिला खाद्य एंव आपूर्ति अधिकारी जींद।
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स्थिति यह है कि जिले की 39 मंडियों में से केवल जींद, अलेवा, धमतान और पिल्लूखेड़ा मंडी में ही नाममात्र का उठान शुरू हो पाया है। बाकी मंडियों में उठान की प्रक्रिया लगभग ठप पड़ी है। अब तक केवल 9 हजार क्विंटल गेहूं का ही उठान हो सका है जो कुल आवक के मुकाबले बेहद कम है।
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मंडियों में 8009 किसानों ने अपना गेहूं बेच दिया है लेकिन हैरानी की बात यह है कि एक भी किसान के खाते में अब तक भुगतान नहीं पहुंचा है। सरकार की ओर से 72 घंटे के भीतर भुगतान करने का दावा किया जाता है लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट नजर आ रही है।
उठान में देरी के कारण भुगतान प्रक्रिया भी अटक गई है। मंडियों में जगह की कमी और गेहूं के ढेर बढ़ने से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। किसानों को अपनी फसल की सुरक्षा को लेकर चिंता सताने लगी है। कई जगहों पर किसानों को खुले में गेहूं रखना पड़ रहा है, जिससे मौसम खराब होने की स्थिति में नुकसान का खतरा बना हुआ है।
मंडी में धरना दे रहे भाकियू के पदाधिकारियों उमेद रेढू, जिला प्रधान बिंद्र नंबरदार ने सरकार से मांग कि उठान की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए और भुगतान जल्द से जल्द किया जाए ताकि उन्हें आर्थिक राहत मिल सके।
वर्जन
मंडियों में उठान की गति बढ़ाई जाएगी। जिन किसानों की फसल खरीद एजेंसियों के गोदाम में जा चुकी है। उनकी पेमेंट भी जल्द ही खातों में डलवाई जाएगी। किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। -राजेश आर्य, जिला खाद्य एंव आपूर्ति अधिकारी जींद।